तालिब हुसैन
*जबलपुर.शहर में सामाजिक जागरूकता और सही धार्मिक समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अवाम और खबर* की ओर से एक महत्वपूर्ण **इस्लाही तकरीर** का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता ने भाग लिया और विद्वानों की बातों को गंभीरता से सुना।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में **मौलाना चांद कादरी साहब** और **मौलाना मोइन अहमद साहब** मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना और विशेष रूप से **“जिहाद”** शब्द के सही अर्थ को लोगों तक पहुंचाना था।
**मौलाना चांद कादरी साहब** ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोगों ने जिहाद शब्द को गलत तरीके से पेश किया है, जिससे समाज में भ्रम फैल गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिहाद का असली मतलब **जद्दोजहद (संघर्ष)** है—जो इंसान की भलाई, खुद की सुधार और समाज की रक्षा के लिए किया जाता है, न कि किसी पर अत्याचार करने के लिए। उन्होंने कहा कि इस शब्द को गलत रूप में प्रस्तुत करना इस्लाम की असल शिक्षाओं के खिलाफ है।
उन्होंने जनता के बीच रू-ब-रू होकर इस विषय को बेहद सरल और प्रभावशाली तरीके से समझाया, जिससे लोगों में जागरूकता आई और जिहाद के सही मायने समझ में आए।
वहीं **मौलाना मोइन अहमद साहब** ने अपने कलाम के जरिए लोगों को धार्मिक और नैतिक संदेश दिया, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा।
इस कार्यक्रम में कई सम्मानित नागरिक भी शामिल हुए, जिनमें **जनाब मतीन भाई, जनाब शाहिद अंसारी साहब, जनाब गुलाम जिलानी, जनाब हाफिज मोइनुद्दीन, जनाब साकिर भाई, हामिद अंसारी, तालिब हुसैन (वरिष्ठ पत्रकार), कलीम मंसूरी, राशिद हाजी जी, शेख अनीश, मुन्ना भाई, मोहम्मद अंसारी** सहित मोहल्ले के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ, जहां लोगों ने इस पहल की सराहना की और ऐसे आयोजनों को समाज के लिए बेहद जरूरी बताया। इस इस्लाही तकरीर ने न केवल धार्मिक विषयों पर स्पष्टता प्रदान की, बल्कि आपसी भाईचारे और सही सोच को भी मजबूत किया।


