April 4, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

अंतरिक्ष में भोजन करने वाले पहले इंसान थे यूरी गागरिन, कुछ ऐसा था ‘स्पेस फूड’ एक्सपीरिएंस



नई दिल्ली, 9 मार्च  12 अप्रैल 1961 को सोवियत अंतरिक्ष यात्री (कॉस्मोनॉट) यूरी गागरिन ने ‘वोस्तोक-1’ मिशन के जरिए न केवल अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले मानव होने का गौरव हासिल किया, बल्कि वे शून्य गुरुत्वाकर्षण (जीरो ग्रेविटी) में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति भी बने। पृथ्वी की परिक्रमा के दौरान गागरिन ने एल्युमिनियम ट्यूब की मदद से ‘बीफ और लिवर पेस्ट’ को सीधे अपने मुंह में निचोड़कर खाया था।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (नासा) के अनुसार, गागरिन ने मीठे के तौर पर ‘चॉकलेट सॉस’ का भी इसी तरह स्वाद लिया। यह प्रयोग विज्ञान के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसने साबित कर दिया कि माइक्रोग्रैविटी (भारहीनता) की स्थिति में भी इंसान भोजन को आसानी से चबा और निगल सकता है। हालांकि, स्वाद के मामले में यह अनुभव बहुत बेहतर नहीं था, लेकिन इसने भविष्य के मिशनों के लिए आधार तैयार किया। शुरुआती दौर में गागरिन के बाद अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने भी ट्यूब के जरिए ही भोजन ग्रहण किया, लेकिन तब से लेकर आज तक स्पेस फूड की तकनीक और स्वाद में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।

अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन ने टूथपेस्ट जैसी ट्यूब से एप्पल सॉस खाकर इतिहास बनाया। अमेरिका के दूसरे मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम, जेमिनी, में फ्रीज-ड्राई भोजन की शुरुआत हुई। अंतरिक्ष यात्री सूखे भोजन में पानी मिलाकर खाते थे।

अपोलो मिशन के दौरान भोजन अधिक उन्नत हो गया। 70 से अधिक आइटम उपलब्ध थे, जिनमें शुरुआत में भूख बढ़ाने के लिए एपेटाइजर और कॉन्डिमेंट शामिल थे। कुछ भोजन को गर्म पानी से रीहाइड्रेट किया जाता था। सैंडविच का प्रयास किया गया, लेकिन ब्रेड के टुकड़े यान के संवेदनशील उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते थे, इसलिए यह असफल रहा।

साल 1975 के अपोलो-सोयुज प्रोजेक्ट में अमेरिकी और सोवियत क्रू ने खाने की झलक दिखाई थी। सोवियत खाना ज्यादातर ट्यूब में था। वहीं, स्पेस शटल में गैली (खास तरह की रसोई) में खाना गर्म और रीहाइड्रेट करने की सुविधा भी आई, जिससे स्टेशन पर डाइनिंग टेबल पर गर्म-ठंडे पानी डिस्पेंसर और प्रोग्रेस से ताजे फल-सब्जियों की भी शुरुआत हुई।

आज के समय में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर एस्ट्रोनॉट्स का खाना काफी बेहतर हो चुका है। स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स रोज तीन मील और एक स्नैक लेते हैं। पतली, बिना खमीर वाली नरम टॉर्टिला ब्रेड एस्ट्रोनॉट्स के बीच खासा लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें चूरे नहीं बनते। इससे ब्रेकफास्ट बरिटो, स्पेस बर्गर, पीनट बटर-जेली सैंडविच बनते हैं। फ्रीज-ड्राई, थर्मोस्टेबलाइज्ड और टेस्टी फूड मिलता है। हॉट सॉस, नट्स, फ्रूट्स और चॉकलेट आम हैं। आज के समय में आईएसएस में रूसी और अमेरिकी मेन्यू दोनों उपलब्ध हैं, जिसमें सूप, गौलाश, करी जैसी फ्लेवर वाली चीजें पसंद की जाती हैं।

अन्य ख़बरें

पुदीना से पाएं पाचन, ऊर्जा और इम्युनिटी को मजबूती, गर्मियों से देता है राहत

Newsdesk

वैश्विक संकटों से भारत मजबूती से उबर रहा है: एस. जयशंकर

Newsdesk

भाजपा-एनडीए गठबंधन 4 मई को केरल में सरकार बनाने के लिए तैयार : पीएम मोदी

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading