जबलपुर नगर निगम के ’लाल टैंकर’ पहल से बदला जा रहा है शहर का स्वरूप – निगमायुक्त*
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में अपशिष्ट जल को वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उपचारित कर उपयोग में लाया जा रहा है*
*सड़कों और फुटपाथों की सफाई, पौधों की सिंचाई, नाले-नालियों की सफाई, नगर निगम के वाहनों की धुलाई निर्माणाधीन सड़कों, सिविल कार्यों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उपचारित जल का उपयोग कर ताजे जल की कि जा रही है बचत*
जबलपुर। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार नगर निगम ने अपशिष्ट जल को शहर के विकास के लिए एक मूल्यवान संसाधन में बदल दिया है। इस संबंध में निगमायुक्त ने बताया कि शहर के अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में अपशिष्ट जल को वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उपचारित किया जा रहा है। यह प्रक्रिया केवल जल का शोधन नहीं, बल्कि उसका पूर्ण परिवर्तन है। इस शोधित जल को अब शहर के विभिन्न विकास कार्यों और रखरखाव के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। नगर निगम ने इस उपचारित जल के परिवहन के लिए एक सुव्यवस्थित और संरचित प्रणाली विकसित की है। शहर में विशेष रूप से तैयार ’लाल रंग के टैंकरों’ को इस कार्य में लगाया गया है। ये लाल टैंकर अब शहर की सड़कों पर पुनः उपयोग की सोच का प्रतीक बन चुके हैं।
*इन प्रमुख कार्यों में हो रहा है उपचारित जल का उपयोग*
निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि अब पीने के पानी की जगह उपचारित जल का उपयोग शहर की प्रमुख सड़कों और फुटपाथों की सफाई के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रीन बेल्ट, रोड डिवाइडर और सार्वजनिक हरित क्षेत्रों में पौधों की सिंचाई भी इसी जल से की जा रही है। नगर निगम के सभी प्रमुख पार्कों और उद्यानों में पौधों की देखभाल पुनः उपयोगित जल से सुनिश्चित की जा रही है। निर्माणाधीन सड़कों, सिविल कार्यों और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में उपचारित जल का उपयोग कर ताजे जल की बचत की जा रही है। नाले-नालियों की सफाई और नगर निगम के वाहनों की धुलाई में भी इसी वैज्ञानिक रूप से शोधित जल का प्रयोग हो रहा है।


