अहमदाबाद, 12 मई । अहमदाबाद में 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा और मानसून को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शहरभर में जर्जर और खतरनाक इमारतों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम ने 274 असुरक्षित भवनों को चिह्नित कर उनके मालिकों और निवासियों को नोटिस जारी किए हैं।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि यदि किसी इमारत के गिरने से जान-माल का नुकसान होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित मालिक और कब्जाधारी की होगी।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, यह विशेष जांच अभियान सरकारी, अर्ध-सरकारी, निजी, व्यक्तिगत और धार्मिक ट्रस्टों की इमारतों में चलाया गया। खासतौर पर पुराने शहर के उन इलाकों पर फोकस किया गया, जहां से अहमदाबाद की प्रसिद्ध रथ यात्रा गुजरती है। हर साल इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।
एएमसी ने बताया कि जिन इमारतों को खतरनाक पाया गया है, उनके मालिकों को तुरंत जर्जर हिस्से हटाने, मरम्मत कराने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसी इमारतों में रहने या प्रवेश करने से बचें।
केवल सेंट्रल जोन में इस साल 274 खतरनाक भवनों की पहचान की गई है। इन भवनों के मालिकों को गुजरात प्रोविंशियल म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (जीपीएमसी) एक्ट की धारा 264 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। खासकर खाडिया वार्ड में भी कार्रवाई तेज की गई है, क्योंकि रथ यात्रा का प्रमुख मार्ग इसी इलाके से गुजरता है।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच शहर में 1,251 खतरनाक इमारतों को नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं 2026 में चिह्नित 274 नई इमारतों को जोड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 1,525 हो गई है।
एएमसी ने लोगों से सतर्क रहने, आसपास की जर्जर इमारतों पर नजर रखने और मानसून के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि रथ यात्रा और बारिश के मौसम में किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।


