नई दिल्ली, 24 मई । अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत-अमेरिका को समान विचारधारा वाले देश बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर रणनीतिक रूप से एक जैसी सोच रखते हैं, जिनमें ‘क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन्स और टेररिज्म’ शामिल हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का “दुनिया के सबसे अहम रणनीतिक साझेदारों में से एक” करार दिया।विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में रूबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों को वैश्विक आतंकवादी नेटवर्कों के कारण नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देश होने के नाते सार्वजनिक निगरानी और जवाबदेही के महत्व को समझते हैं।रूबियो ने कहा, “मुझे हर निर्णय के लिए अमेरिकी जनता को जवाब देना पड़ता है और राष्ट्रपति को भी यह बताना पड़ता है कि यह हमारे देश के लिए क्यों अच्छा है। यहां भारत में भी आपके नेताओं को यही करना होता है। बताना पड़ता है कि अमेरिका के साथ आपकी साझेदारी या किसी मुद्दे पर आपका रुख देश के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है? यह लगभग हर देश में होता है, लेकिन लोकतांत्रिक देशों में ऐसा विशेष तौर पर देखा जाता है।”उन्होंने अपनी भारत यात्रा को “शानदार” बताया और भारत को अमेरिका का “महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार” बताया।


