जबलपुर। भारतीय रेलवे जल्द ही अपने यात्रियों को बड़ी सुविधा देने जा रहा है। नए क्लाउड-आधारित पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) के लागू होने के बाद यात्री बस और एयरलाइन की तरह ट्रेन में भी अपनी पसंद की सीट चुन सकेंगे। साथ ही टिकट बुकिंग की रफ्तार भी कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे विशेषकर तत्काल और त्योहारी सीजन में होने वाली परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।रेलवे सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में आरक्षण प्रणाली प्रति मिनट लगभग 32 हजार टिकट बुक करने में सक्षम है। नया क्लाउड-आधारित सिस्टम इसकी क्षमता बढ़ाकर करीब 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट कर देगा। वहीं सीट उपलब्धता जांचने की क्षमता भी 4 लाख से बढ़कर 40 लाख रिक्वेस्ट प्रति मिनट हो जाएगी। इससे वेबसाइट हैंग होना, सीट उपलब्धता देखने में देरी और सर्वर पर बढ़ते दबाव जैसी समस्याओं में राहत मिलने की संभावना है।
वर्तमान पीआरएस वर्ष 1986 से संचालित हो रहा है। इसी सिस्टम के माध्यम से रेलवे आरक्षण काउंटर, आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुकिंग की जाती है। देश की लगभग 88 प्रतिशत ऑनलाइन टिकट बुकिंग इसी प्रणाली से होती है। बढ़ती यात्री संख्या और तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए रेलवे ने इसे आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यात्रियों को पसंदीदा सीट चुनने की सुविधा होगी। परिवार या समूह में यात्रा करने वाले यात्री एक साथ सीटें चुन सकेंगे। दिव्यांगजनों और मरीजों के लिए भी विशेष सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा बहुभाषी इंटरफेस के कारण टिकट बुकिंग पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक होगी।रेलवे की नई व्यवस्था में रेलवन (RailOne) ऐप प्रमुख भूमिका निभाएगा। एआई आधारित यह ऐप वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का भी अनुमान बताएगा। रेलवे का दावा है कि नई तकनीक से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी, जिससे यात्रियों का सफर पहले से अधिक आसान होगा।


