ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सहित गृह, आबकारी एवं जिला प्रशासन को भेजी शिकायत, शासकीय भूमि अतिक्रमण हटाने और कथित अवैध कारोबार की निष्पक्ष जांच की उठाई मांग_
सिवनी- तहसील कुरई के ग्राम मोहगांव सड़क में शासकीय चरनोई भूमि पर कथित अवैध कब्जे तथा सोनी होटल में अवैध शराब और गांजा बिक्री समेत कई गंभीर आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव (गृह), आबकारी विभाग, कलेक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता अभिलाष राय ने बताया कि ग्राम मोहगांव सड़क स्थित खसरा क्रमांक 62, 63 एवं 64 राजस्व अभिलेखों में शासकीय घास भूमि (चरनोई) के रूप में दर्ज हैं। इनका कुल क्षेत्रफल 3.21 हेक्टेयर (लगभग 8 एकड़) है और यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से लगी हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस शासकीय भूमि पर वर्षों से कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर पक्के होटल, ढाबे, दुकानें एवं अन्य निर्माण कर लिए गए हैं। साथ ही भूमि के कुछ हिस्से का कथित रूप से खेती एवं व्यावसायिक उपयोग भी किया जा रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शासकीय भूमि के कुछ हिस्से अन्य लोगों को किराए पर भी दिए जा रहे हैं, जिससे शासन की मूल्यवान संपत्ति पर निजी नियंत्रण स्थापित होने की स्थिति बन रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस संबंध में कई बार स्थानीय राजस्व अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संपूर्ण भूमि का मौके पर निरीक्षण कर वास्तविक कब्जाधारियों की पहचान की जाए, विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाया जाए तथा पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से कराई जाए।
इसी शिकायत में ग्राम स्थित सोनी होटल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि होटल में लंबे समय से कथित रूप से अवैध शराब का भंडारण और बिक्री की जा रही है तथा शाम होते ही होटल कथित रूप से अवैध अहाते का रूप ले लेता है। शिकायत में दावा किया गया है कि शराब परोसने से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध हैं।
शिकायतकर्ताओं ने आगे आरोप लगाया है कि होटल संचालक द्वारा कथित रूप से गांजा बिक्री का अवैध कारोबार भी किया जा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में अन्य स्थानों तक नशीले पदार्थों की उपलब्धता बढ़ रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच होना शेष है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा आदिवासी क्षेत्र में सोने-चांदी गिरवी रखकर निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज वसूला जाता है। शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले की भी सक्षम अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कथित अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों की उपलब्धता से युवाओं और विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम बिना पूर्व सूचना के आकस्मिक छापामार कार्रवाई करे, जिससे वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
शिकायतकर्ताओं ने आग्रह किया है कि जांच केवल औपचारिक न होकर किसी वरिष्ठ अधिकारी अथवा विशेष जांच दल से कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम, राजस्व कानूनों एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने शासन से शासकीय चरनोई भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराने की मांग की है।


