स्थानीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था एवं विकास कार्यों पर हुई विस्तृत चर्चाजबलपुर। छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने गुरुवार को सर्किट हाउस में जिले के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थानीय निकायों की आय बढ़ाने, वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत चर्चा की।
बैठक में सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई एवं अशोक रोहाणी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन, भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष राजकुमार पटेल, छठवें राज्य वित्त आयोग के सदस्य के.के. सिंह तथा सदस्य सचिव वीरेंद्र कुमार उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए आयोग के अध्यक्ष श्री पवैया ने कहा कि स्थानीय निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए स्वयं के राजस्व स्रोतों को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न निकायों द्वारा राजस्व वृद्धि, सांस्कृतिक विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे सफल प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे श्रेष्ठ मॉडल अन्य निकायों को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री पवैया ने पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों के विकास तथा उनसे स्थानीय राजस्व बढ़ाने संबंधी सुझाव भी आमंत्रित किए।
बैठक में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने जबलपुर नगर निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों एवं विभिन्न नवाचारों की विस्तृत जानकारी आयोग के अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने शहर में अधोसंरचना विकास, वायु गुणवत्ता सुधार, स्वच्छता, जल प्रदाय व्यवस्था, सीवर लाइन विस्तार, ई-गवर्नेंस तथा डिजिटलाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया।
महापौर ने बताया कि जबलपुर की लगातार बढ़ती जनसंख्या एवं शहर के विस्तारित भौगोलिक क्षेत्र को देखते हुए नगर निगम को अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने चुंगी व्यवस्था, जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवर लाइन विस्तार, आधुनिक मशीनरी की उपलब्धता तथा विभिन्न शहरी विकास कार्यों के लिए विशेष वित्तीय सहयोग का प्रस्ताव आयोग के अध्यक्ष के समक्ष रखा। बैठक के दौरान ई-गवर्नेंस एवं डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने सहित नगर निगम की भविष्य की विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में विधायक अजय विश्नोई ने नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित जल प्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं के संबंध में सुझाव देते हुए कहा कि अनेक योजनाओं का पुनर्मूल्यांकन कर वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप उनका उन्नयन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या, जल आवश्यकता एवं स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप योजनाओं का पुनरीक्षण किया जाए, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
श्री विश्नोई ने ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जल एवं अधोसंरचना परियोजनाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए जाने का सुझाव भी दिया। साथ ही पंचायतों को परिसंपत्तियों के रखरखाव, मरम्मत एवं अनुरक्षण के लिए पृथक निधि उपलब्ध कराने, शासकीय भवनों के संरक्षण, पंचायत स्तर पर आवश्यक मरम्मत कार्यों तथा सार्वजनिक सुविधाओं के रखरखाव को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
विधायक अशोक रोहाणी ने अपने सुझाव देते हुए कहा कि अधारताल क्षेत्र के प्राचीन पचमठा मंदिर जो लगभग 1100 वर्ष पुराना है, उसे पर्यटन स्थल की दृष्टि से डेवलपमेंट किया जाए, जिससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया ने विकास कार्य करने में जिला पंचायत को आसानी हो इसके लिए राशि में वृद्धि का सुझाव दिया।
भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष श्री राजकुमार पटेल ने भी छठवें वित्त आयोग को लेकर अपने सुझाव में कहा कि लम्हेटा घाट के लम्हेटी के पास जब भगवान श्री राम के वन आगमन के समय कुछ स्थानों में शिवलिंग स्थापित किए गए थे वह आज भी यहां मौजूद हैं, उन स्थानों का भी उन्नयन कार्य किया जाए।
बैठक में उपस्थित स्थानीय निकायों की वित्तीय सुदृढ़ता, अधोसंरचना विकास, पर्यटन संवर्धन, राजस्व वृद्धि तथा पंचायत एवं नगरीय निकायों के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न सुझाव भी आयोग के समक्ष रखे गये।
आयोग के अध्यक्ष श्री पवैया ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि स्थानीय निकायों को अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्राप्त सुझावों का परीक्षण कर आयोग की अनुशंसाओं में आवश्यकतानुसार समावेश किया जाएगा।


