याचिकाकर्ताओं का दावा- 16 से घटकर 5 रह गईं उड़ानें; इंडिगो ने कहा- रियायतें मिलें तो दूसरी एयरलाइंस भी आएंगी
जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं के विस्तार और उड़ानों की संख्या बढ़ाने को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जबलपुर से पहले 16 फ्लाइट्स संचालित होती थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर केवल 5 रह गई है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उड़ानों में कमी का असर जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों की हवाई कनेक्टिविटी पर पड़ रहा है। उन्होंने एयर सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग रखी।
वहीं इंडिगो एयरलाइन्स की ओर से अदालत में कहा गया कि यदि राज्य सरकार विमानन कंपनियों को आवश्यक रियायतें और प्रोत्साहन उपलब्ध कराती है, तो अन्य एयरलाइंस भी जबलपुर से सेवाएं शुरू करने के लिए आगे आ सकती हैं। एयरलाइन ने संचालन से जुड़े व्यावसायिक पहलुओं की ओर भी अदालत का ध्यान आकर्षित किया।
ये जनहित याचिकाएं नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच और सुधीर चंद्र दत्त की ओर से दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी, अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय और सिद्धार्थ दत्त ने पक्ष रखा। केंद्र की ओर से एएसजी सुनील कुमार जैन व डिप्टी एसजी सुयश मोहन गुरु, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी तथा इंडिगो की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ शर्मा उपस्थित हुए।
हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी एयरलाइन को उड़ान शुरू करने अथवा राज्य सरकार को कोई विशेष रियायत देने का निर्देश नहीं दिया है। अदालत ने मामले को विस्तृत सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 को सूचीबद्ध किया है।


