उगली/पांडिया छपारा- बनाथर ग्राम पंचायत के अंतर्गत गुरेरा माल निवासी गर्भवती महिला सोमलता मड़ावी, पति प्रदीप मड़ावी को प्रसव के लिए ग्रामीणों, पति और आशा कार्यकर्ता के साथ पैदल धनई नदी पार कर पांडिया छपारा ले जाना पड़ा। नदी में पानी अधिक होने के कारण जननी एक्सप्रेस की सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है। गर्भवती महिला को जोखिम उठाकर नदी पार कराने की तस्वीरें क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था को सामने लाती हैं।
धनई नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से शासन-प्रशासन, विधायक, सांसद और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के चार महीनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर गुरेरा माल और गुरेरा रैयत सहित आसपास के गांवों का संपर्क लगभग कट जाता है।
गत दिवस पत्रकारों के दल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पांडिया छपारा में साप्ताहिक बाजार होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण धनई नदी पार करते दिखाई दिए। ग्रामीणों के अनुसार दोनों गांवों में करीब 656 मतदाता हैं। यहां प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा आंगनवाड़ी केंद्र भी संचालित हैं, लेकिन नदी पर पुल नहीं होने से विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानी होती है।
मौके पर एक 76 वर्षीय बुजुर्ग को दोपहिया वाहन नदी से निकालते समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि नदी पार करते समय किसी बुजुर्ग, मरीज या गर्भवती महिला के साथ कोई गंभीर घटना हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 115 वर्ष पूर्व वर्ष 1911 में ब्रिटिश शासन के दौरान ढूटी बांध जलाशय का निर्माण हुआ था। आज यह क्षेत्र सिवनी और बालाघाट जिलों के बीच एक रमणीय स्थल के रूप में जाना जाता है। संक्रांति और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां मेले का आयोजन भी होता है तथा दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। ग्रामीणों के अनुसार धनई नदी पर पुल बनने से क्षेत्र के आवागमन के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। लामता रेलवे स्टेशन और रेल मार्ग भी यहां से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर प्रदेश सरकार को भी आवेदन दिया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने आने वाले चुनावों के बहिष्कार का निर्णय लेने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे आसपास की पंचायतों से भी संपर्क कर आंदोलन में शामिल होने का आग्रह करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्रीय महापंचायत आयोजित की जाएगी।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि धनई नदी पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दौरान गांवों का संपर्क न टूटे और गर्भवती महिलाओं, मरीजों, विद्यार्थियों तथा बुजुर्गों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।


