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September 24, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

नीतीश ने संभावित बाढ़, सूखा और अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की, पूरी तरह सतर्क रहने के दिए निर्देश

पटना, 19 अप्रैल | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को राज्य में संभावित बाढ़, सूखा सहित अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में मानसून के आगमन के पूर्व सभी तैयारियां ससमय पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभी से इसको लेकर एक-एक चीज पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग सतत् इसका अनुश्रवण करते रहे कि और क्या-क्या करने की जरूरत है ताकि लोगों को कोई दिक्कत नहीं हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में बाढ़ आश्रय स्थल का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है, वहां तेजी से इस पर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मानसून के पहले पूर्ण करने की बात कहते हुए कहा कि नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर भी तेजी से कार्य करें, जिससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे सिंचाई कार्य में और सुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष गर्मी ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुये सभी प्रकार की तैयारी रखें और लोगों को सचेत करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर चीज पर नजर रखनी है और पूरी तरह से सतर्क रहना है। मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी। सभी संबद्ध विभाग जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर वस्तु स्थिति की जानकारी लें और उसके आधार पर कार्य करें।

बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी ने वषार्पात के पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल-मई महीने में बिहार सहित देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान औसत से अधिक रहने की संभावना है। इस अवधि में लू चलने की संभावना बताई गई है। मानसून ऋतु में 96 प्रतिशत औसत वर्षा होने तथा बिहार में 952 मिली मीटर वर्षा होने का पूर्वानुमान है।

बैठक में आपदा प्रबंधन सह जल संसाधन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संभावित बाढ़, सुखाड़ एवं अन्य आपदाओं की पूर्व तैयारियों से संबंधित मुख्य बातों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

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