चेन्नई, 7 दिसंबर। इंडिगो एयरलाइन के संचालन में जारी संकट रविवार को छठे दिन भी गहराता गया। चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आज करीब 100 फ्लाइट्स रद्द होने से यात्रियों में हड़कंप मच गया।
अचानक हुई रद्दीकरण की श्रृंखला से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी फैल गई। सैकड़ों यात्री रिफंड, रीबुकिंग और वैकल्पिक उड़ानों की तलाश में एयरलाइन काउंटरों के बाहर घंटों तक लाइन में लगे रहे।
इंडिगो कई प्रमुख रूटों पर सबसे बड़ी सेवा प्रदाता है, जिसके चलते अन्य एयरलाइंस के किराए आसमान छूने लगे। सीमित सीटों के लिए यात्रियों की होड़ ने हवाई यात्रा को और महंगा कर दिया।
संकट की वजह:
पायलटों और केबिन क्रू के लिए लागू हुई नई, सख़्त ड्यूटी टाइम व्यवस्था के बाद इंडिगो पर स्टाफ की भारी कमी का संकट उत्पन्न हुआ है। पर्याप्त मैनपावर न जुटा पाने के कारण एयरलाइन पूरे नेटवर्क में उड़ानें निरंतर रद्द कर रही है।
पिछले पांच दिनों में 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिनमें घरेलू ही नहीं बल्कि कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल हैं।
यात्रियों का आरोप
यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद दी गई। कई लोग घंटों तक रिफंड और नई बुकिंग की जानकारी के लिए भटकते रहे। बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने वाले परिवार सबसे अधिक परेशान हुए।
सरकार की दखलअंदाज़ी
मामले के संसद में उठने के बाद केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया। सूत्रों के मुताबिक, संकट को संभालने के लिए क्रू ड्यूटी टाइम नियमों में अस्थायी राहत दी गई है।
सरकारी अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अगले 24 घंटे में स्थिति सुधरने लगेगी और तीन दिनों के भीतर उड़ान संचालन सामान्य हो सकता है।
फिलहाल, चेन्नई में यात्रियों की अनिश्चितता लगातार जारी है, जबकि ट्रैवल एजेंट आपात बुकिंग और रद्दीकरण के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी की पुष्टि कर रहे हैं।


