नई दिल्ली, 2 जनवरी वर्तमान में देश के 21 राज्यों में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हौसले भविष्य के लिए बुलंद हैं। साल 2025 में हवा का रुख बदला तो दशकों बाद दिल्ली भाजपा की हो गई। कुछ महीनों में भाजपा ने बिहार को भी मजबूत कर लिया और फिर साल बीतते-बीतते केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम भाजपा के रंग में रंग गई। यह जीत सिर्फ एक राज्य या शहर तक सीमित नहीं, बल्कि 2026 में दक्षिण भारत की राजनीति में बड़े बदलाव की आहट मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल के अलावा दक्षिण भारत के राज्यों केरल और तमिलनाडु में साल 2026 में चुनाव हैं। उत्तर भारत में भाजपा का परचम पहले से ही लहरा रहा है, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और झारखंड को छोड़ दें तो पार्टी की पकड़ मजबूत बनी हुई है। अब पार्टी की नजरें दक्षिण भारत पर टिकी हैं, वह क्षेत्र जहां कर्नाटक को छोड़कर अब तक सत्ता का स्वाद नहीं मिला।
बिहार जीतते ही प्रधानमंत्री मोदी ऐलान कर चुके हैं कि अगला मिशन पश्चिम बंगाल है, लेकिन तमिलनाडु और खासकर केरल में भाजपा की जमीनी तैयारियां काफी कुछ बयां करती हैं। तिरुवनंतपुरम की जीत इसका ताजा उदाहरण है।


