नई दिल्ली, 8 जनवरी 200 करोड़ रुपए की ठगी और जबरन वसूली मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की समझौता याचिका पर गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई फिर से टाल दी गई। अदालत ने सुकेश के वकील को निर्देश दिया कि वे याचिका की कॉपी शिकायतकर्ता अदिति सिंह को उपलब्ध कराएं, क्योंकि शिकायतकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें अब तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख तय की है। सुकेश चंद्रशेखर ने अपनी याचिका में कहा है कि वह 217 करोड़ रुपए देने को तैयार हैं और अदिति सिंह के साथ समझौते का विकल्प तलाशने के लिए भी तैयार हैं।
रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन की पत्नी अदिति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पति शिवेंद्र मोहन सिंह अक्टूबर 2019 से जेल में बंद हैं। उनसे जून 2020 से 2021 तक 200 करोड़ की जबरन वसूली और ठगी की गई।
एक कॉल में यह भी दावा किया गया कि गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल पर मौजूद हैं। बाद में कॉलर आईडी पर पीएमओ के सलाहकार पीके मिश्रा का नाम दिखाई देने लगा, जिससे भरोसा बढ़ गया।
इस तरह अदिति सिंह और अन्य लोगों को विश्वास दिलाया गया कि मामला बड़े सरकारी अधिकारियों के संज्ञान में है।
दिल्ली पुलिस ने 200 करोड़ रुपए की ठगी और जबरन वसूली के मामले में सुकेश चंद्रशेखर और उनके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप है कि सुकेश ने हवाला और शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध धन छुपाया। इसके अलावा महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (एमसीओसीए) के तहत भी उस पर कार्रवाई चल रही है।


