अवैध नंबर प्लेट, काली फिल्म और पदनाम वाले स्टिकरों के इस्तेमाल से सार्वजनिक सुरक्षा पर भी उठे सवाल
जबलपुर शहर में यातायात नियमों के खुले उल्लंघन को लेकर एक स्थानीय नागरिक ने गंभीर चिंता जताई है। नागरिक का कहना है कि शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में ऐसे वाहन दौड़ रहे हैं, जिन पर या तो नंबर प्लेट नहीं लगी है, या फिर इस तरह की अवैध नंबर प्लेट लगी है जिसे दूर से पढ़ पाना मुश्किल है। इसके अलावा कई वाहनों में नियमों के विपरीत काली फिल्म भी लगी दिखाई दे रही है।
नागरिक के अनुसार, थार, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो जैसे वाहन ऐसे मामलों में अधिक नजर आते हैं, हालांकि समस्या केवल इन्हीं तक सीमित नहीं है। शहर में कई अन्य वाहन भी बिना वैध नंबर प्लेट और प्रतिबंधित काली फिल्म के साथ सड़कों पर चलते दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं, कुछ वाहनों पर फेक सरकारी और राजनीतिक पदों के स्टिकर भी लगे हैं, जिससे लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या ऐसे चिन्हों का इस्तेमाल नियमों से बचने के लिए किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिक ने ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जब खुलेआम नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन शहर में बेखौफ घूम रहे हैं, तो यह प्रवर्तन तंत्र की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। चिंता यह भी है कि यदि ऐसे वाहन किसी आपराधिक घटना में इस्तेमाल किए जाएं, तो उनकी पहचान और ट्रैकिंग करना बेहद कठिन हो सकता है।
नागरिकों का मानना है कि यह केवल ट्रैफिक नियमों का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी है। अब देखना होगा कि ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और ऐसे वाहनों के खिलाफ किस स्तर पर अभियान चलाया जाता है।


