चेरीताल में स्वामी विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर विचार संगोष्ठी
जबलपुर -सनातन धर्मावलंबियो के आराध्य स्वामी विवेकानंद, युवाओ के प्रेरणास्रोत हैं। स्वामी जी ने बहुत कम समय मे इस धरा धाम मे नरेंद्र से विवेकानंद का सफर तय किया। भगवा ओढ कर संपूर्ण विश्व को सनातन धर्म और परापंराओ से परिचित करा शारिरिक रूप से तो देवलोक की यात्रा पर चले गए, लेकिन आज भी संपूर्ण ब्रह्मांड के हर कौने- कौने से धरा अपने गर्भ से सनातन परापंराओ और हिन्दुत्व के अवशेष उगल रही है। विश्व धर्म संसद शिकागो मे स्वामी विवेकानंद जी ने सिर्फ सनातन धर्म और हिन्दुत्व का एक शब्द मात्र से परिचय कराया था। यदि आज भी सभी वैदिक साहित्य ग्रंथालयो से निकालकर सभी के सम्मुख रखा जाए तो चहुंओर भगवा ध्वज ही लहराएगा। आज पुनः सभी भारतवंशी स्वामी विवेकानंद के विचारो और हिन्दुत्व वैदिक साहित्य का प्रचार प्रसार करे, तो सभी अविष्कार और विधाओ का जनक सिर्फ और सिर्फ हमारा सनातन हिन्दू साहित्य, ऋषिगण है। उक्त उद्गार
युवा दिवस 12 जनवरी की पूर्व संध्या स्वामी विवेकानंद जन्म जयंती पर चेरीताल में आचार्य श्री विद्यासागर मंडल के तत्वावधान में विधायक अभिलाष पांडे, पार्षद प्रतिभा भापकर ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहे।
भारत माता,स्वामी विवेकानंद के तैल चित्र का पूजन अर्चन आरती कर पुष्पांजलि पार्षद अतुल दानी अध्यक्ष दिलीप पटेल, नरेंद्र साहू, मनीष जैन कल्लू, राजकुमार गुप्ता,रमेश रैकवार,नरेंद्र खरे, अरविंद गुप्ता, राजेन्द्र व्यौहार, कल्पना तिवारी,प्रशांत महानूर शैलेश पटेल, आलोक चनपुरिया,आशीष चौधरी, सुनील रजक, श्रेय अग्रवाल, अजय पटेल, अंबर दुबे, शैलेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्रजेश नेमा, सचिन तिवारी, शंकर नेता, किशोर बर्मन, महेश बागरी पिंकू ठाकुर महेश सोंधिया, आलोक ओझा, नवीन नेमा, रामदीन साहू, गुड्डू बमबम, मुकेश अहिरवार, जय बर्मन, सौरभ सोनी सहित बड़ी संख्या में मंडल सदस्य उपस्थित रहे।


