वाशिंगटन, 13 जनवरी अमेरिका की एक संघीय अदालत ने अपने तरह का एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे एक भारतीय नागरिक को फिर से अमेरिका वापस लाने की व्यवस्था करें, जिसे अदालत के साफ आदेश के बावजूद भारत भेज दिया गया था। जज ने फैसला सुनाया कि डिपोर्टेशन गैर-कानूनी था और न्यायिक अधिकार का उल्लंघन था।
9 जनवरी को जारी आदेश में टेक्सास के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत ने बताया कि फ्रांसिस्को डी’कोस्टा को 20 दिसंबर 2025 को अमेरिका से निकाला गया, जबकि उसे न हटाने का अदालत का आदेश इससे तीन घंटे पहले ही जारी हो चुका था।
अदालत ने कहा कि उसी सुबह उसने डी’कोस्टा की याचिका पर सुनवाई अपने हाथ में ली थी और सरकार को साफ निर्देश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना उसे अमेरिका से बाहर न भेजा जाए।


