आदेगांव के शासकीय पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल को इस समय असामाजिक तत्व बदनाम करने में लगे हुए हैं जबकि जब से प्राचार्य जे.एल. नामी ने जिम्मेदारी संभाली है, तब से विद्यालय की स्थिति में साफ सुधार देखने को मिला है। पहले जहां पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी, वहीं अब कक्षाएं समय पर लग रही हैं और बच्चों को पूरा ध्यान देकर पढ़ाया जा रहा है। स्कूल में अनुशासन बढ़ा है और पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ है। प्राचार्य जे.एल. नामी बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और भविष्य को लेकर गंभीर रहते हैं। वे शिक्षकों के साथ लगातार बैठक कर पढ़ाई की समीक्षा करते हैं। इसी कारण अभिभावकों का भरोसा स्कूल पर मजबूत हुआ है। विद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षक सत्यम नेमा भी सराहनीय काम कर रहे हैं। वे गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क पढ़ाई कराते हैं, जिससे वे बच्चे आगे बढ़ सकें जो आर्थिक कारणों से ट्यूशन नहीं ले पाते थे। इस प्रयास से कई बच्चों की पढ़ाई सुधरी है और उन्हें आत्मविश्वास मिला है।
कुछ लोगों को यह बदलाव पसंद नहीं आ रहा है। बताया जा रहा है कि मुफ्त और अच्छी पढ़ाई मिलने से निजी ट्यूशन और कोचिंग चलाने वालों का नुकसान हो रहा है। इसी कारण कुछ लोग स्कूल, प्राचार्य और शिक्षक की छवि खराब करने के लिए गलत बातें फैला रहे हैं। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई सही तरीके से हो रही है और बच्चों पर कोई गलत दबाव नहीं है। वे चाहते हैं कि बिना सबूत के लगाए जा रहे आरोपों पर ध्यान न दिया जाए और शिक्षा का माहौल खराब न किया जाए।
कुल मिलाकर, पीएम श्री हायर सेकेंडरी स्कूल आदेगांव में आज पढ़ाई का स्तर पहले से बेहतर हुआ है। प्राचार्य जे.एल. नामी और अतिथि शिक्षक सत्यम नेमा के प्रयासों से बच्चों को अच्छा भविष्य मिल रहा है और स्कूल की छवि मजबूत हो रही है। जबकि विद्यालय को बदनाम करने वाले खुद अपराधी है जिसके अवैध गौरखधंधे क्षेत्र में संचालित है , ऐसे वे अनुभवी शिक्षकों की छवि खराब करने में लगे हुए हैं इनका मकसद ये है की गरीबों के होनहार बच्चें पढ़ ना पाये और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाये जिससे वे सट्टा जुआं ,नशे के आदि हो जाये और इन बेशर्मों की दाल गलने लगे। अतिथि शिक्षक सत्यम नेमा ने जानकारी देते हुए हमें बताया कि उन्हें लगातार आदेगांव क्षेत्र के अपराधियों द्वारा धमकी दी जा रही है कि यदि वे निशुल्क पढ़ना बंद नहीं करते हैं तो हम उनकी ऐसे ही छवि बदनाम करते रहेंगे।


