जबलपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जबलपुर पुलिस की पुरानी 100 डायल गाड़ियों की कथित बिक्री का मामला सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एक निजी इंस्टाग्राम अकाउंट “गैंगस्टर सेल वैन” से इन सरकारी वाहनों की बिक्री के वीडियो वायरल किए गए, जिनमें साफ तौर पर पुलिस और डायल 100 लिखी गाड़ियां दिखाई दे रही हैं।
वीडियो में न केवल सरकारी गाड़ियों को बेचने का दावा किया गया, बल्कि कथित खरीदारों से संपर्क के लिए एक मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किया गया। वीडियो में नजर आ रही गाड़ियां पुलिस यार्ड में खड़ी प्रतीत हो रही हैं, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि पुलिस यार्ड के भीतर तक वीडियो कैसे बनाए गए और यह सामग्री बाहर कैसे पहुंची।
नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी वाहन की बिक्री केवल विधिवत नीलामी प्रक्रिया के जरिए ही की जा सकती है। फिलहाल जबलपुर पुलिस विभाग द्वारा न तो किसी तरह की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है और न ही किसी निजी व्यक्ति को वाहनों की बिक्री की अनुमति दी गई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियो सामने आना गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मीडिया द्वारा मामला उजागर किए जाने के बाद संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो डिलीट कर दिए गए, हालांकि अकाउंट अब भी सक्रिय है। अकाउंट की प्रोफाइल फोटो में भी पुलिस स्टीकर लगी गाड़ी दिखाई दे रही है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने साइबर सेल को जांच में लगाया है। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी 100 डायल गाड़ियों को बेचने का दावा किसने किया, वीडियो कहां से बनाए गए और इसके पीछे क्या मकसद था।


