जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। सार्वजनिक हुई जानकारी के अनुसार नई नीति लागू होने के बाद प्रदेश में शराब की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही शराब दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब तक दुकानों का समूह बनाकर ई-टेंडर किया जाता था, लेकिन नई नीति में प्रत्येक शराब दुकान का अलग-अलग ई-टेंडर किया जाएगा।
सरकार ने नई आबकारी नीति के माध्यम से लगभग 3000 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्तीय वर्ष में आबकारी से लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य निर्धारित था। सरकार इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग लाड़ली बहना योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन के लिए करना चाहती है।
सूत्रों के अनुसार नई आबकारी नीति का प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष किया जा चुका है और इसे प्रारंभिक मंजूरी भी मिल गई है। अब अंतिम स्वीकृति के लिए नीति को कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
नई नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में कोई नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। वर्तमान में संचालित 3553 दुकानों की ई-नीलामी रिजर्व प्राइस से 20 प्रतिशत अधिक दर पर की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से शराब माफिया के प्रभाव में कमी आएगी और राजस्व में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।


