सड़क सुरक्षा माह – 2026 ‘‘सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा थीम‘‘ के बढ़ती दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एव सुचारु बनाए रखने के उधेष्य सें पुलिस अधीक्षक, जबलपुर श्री संम्पत उपाध्याय (भा.पू.से) के आदेशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री अंजना तिवारी के मार्गदर्षन में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसी तारतम्य में आज दिनांक 19.01.26 को थाना यातायात मालवीय चौक अंतर्गत मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में सूबेदार रोहित तिवारी द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यातायात के नियमों का पालन करना हर समय अत्यंत आवश्यक है। हेलमेट एवं सीट बेल्ट की अनिवार्यता, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा तेज व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से होने वाली गंभीर एवं घातक सड़क दुर्घटनाओं के बारे में विस्तार से समझाया। साथ ही राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की समय पर सहायता करने पर शासन द्वारा 25,000/- की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी भी दी गई, ताकि अधिक से अधिक लोग मानवता के इस पुनित कार्य के लिए आगे आएं।
इसके अतिरिक्त सड़क सुरक्षा माह के तहत हितकारिणी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवताल में छात्र-छात्राओं एवं विद्यालयीन स्टॉफ को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में शासन की महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे राहवीर योजना एवं कैशलेस योजना के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर सूबेदार मनीष पयासी, सहायक उप निरीक्षक शिवचरण दुबे एवं यातायात थाना गढ़ा का अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे।
इसी प्रकार पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर में सूबेदार रोशनी केसरवानी द्वारा उप पुलिस अधीक्षक श्रीमति संगीता डामोर की उपस्थिति में स्कूल के बच्चों एवं मैनेजमेंट स्टाफ को यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान सड़क पर चलते समय सावधानी बरतने, स्वयं की एवं परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों के पालन का संकल्प भी दिलाया गया। रांझी क्षेत्र में नियमों का पालन करते पाए गए दोपहिया वाहन चालकों को गुलाब देकर सम्मानित भी किया गया।
यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों एवं विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक रहें तथा दूसरों को भी जागरूक कर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में अपना सहयोग दें।


