नई दिल्ली, 21 जनवरी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रही इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईसीडीईएम-2026) के प्लेनरी सेशन में दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव प्रशासन के सामने आने वाली वैश्विक चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर इस प्लेनरी सेशन की शुरुआत की। भारत मंडपम में आयोजित इस सत्र में 42 चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख शामिल हुए। इसके अलावा, कई देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों सहित करीब 60 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
ईएमबी लीडर्स प्लेनरी एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुख, वरिष्ठ नेता और राजनयिक लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श करते हैं। इस सत्र में प्रतिभागियों ने वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए।
भारत ने इंटरनेशनल आईडीईए के अध्यक्ष के रूप में 2026 के दौरान अपनी विषयगत प्राथमिकताओं को भी साझा किया। चर्चा में चुनावों को अधिक समावेशी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि दुनिया भर में चुनावों को प्रभावित करने वाली समस्याएं जैसे फेक न्यूज, साइबर खतरे, मतदाता विश्वास और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियां आम हैं।
यह प्लेनरी सेशन आईआईसीडीईएम-2026 का एक प्रमुख हिस्सा है, जो 21 से 23 जनवरी तक चल रही है। यह सम्मेलन भारत द्वारा आयोजित सबसे बड़ा वैश्विक मंच है, जहां लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर विशेषज्ञ, नीति निर्माता और चुनाव अधिकारी एक साथ आते हैं। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक सहयोग बढ़ाना, सर्वोत्तम अभ्यास साझा करना और लोकतंत्र को मजबूत बनाना है। यह आयोजन भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को दुनिया के सामने रखने का अच्छा अवसर है। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि ऐसी चर्चाओं से चुनाव प्रणाली और मजबूत होगी और लोकतंत्र की रक्षा में नई दिशा मिलेगी।


