September 14, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

बिहार ने बीते वर्ष 43,324 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह किया


पटना, 2 अप्रैल  बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड राजस्व संग्रह किया है। वाणिज्य कर विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने गुरुवार को कहा कि विभाग ने बीते वर्ष 2025-26 में जीएसटी, वैट और अन्य स्रोतों से प्राप्त राजस्व को मिलाकर 43,324 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह किया है।

कर राजस्व संग्रह की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विभाग ने बीते वित्तीय वर्ष में 43,324.79 करोड़ रुपए का संग्रह किया है, जो पिछले वर्ष से 4.09 प्रतिशत अधिक है। इस मौके पर विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि 43,324.79 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रह में से विभाग ने अकेले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में 32,801 करोड़ रुपए जुटाए हैं, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में एकत्र किए गए राजस्व से 11.7 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आईजीएसटी बैलेंस में हुई कमी को पूरा करने के लिए 724 करोड़ रुपए की कटौती की, जिससे राज्य का जीएसटी संग्रह घटकर 32,077.22 करोड़ रुपए रह गया। इस कटौती के बावजूद, राज्य में जीएसटी संग्रह में 9.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय जीएसटी वृद्धि 6 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि जीएसटी संग्रह वृद्धि में बिहार देश के चौथे स्थान पर है। मंत्री ने बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब में कमी के बावजूद विभाग ने उच्च सकल संग्रह हासिल किया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2024-25 की तुलना में सभी नकद संग्रह (एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी और उपकर) में 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी और विधानसभा चुनावों के बावजूद रिकॉर्ड राजस्व संग्रह के मामले में विभाग ने सराहनीय काम किया है। अकेले मार्च 2026 में, पिछले वर्ष के मार्च की तुलना में, बिहार में जीएसटी के तहत कुल कर संग्रह में इस वर्ष मार्च में 2025 की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

उल्लेखनीय है कि वाणिज्य कर विभाग चार श्रेणियों में कर वसूलता है। जिसमें जीएसटी, पेट्रोल, डीजल पर वैट, बिजली शुल्क और व्यावसायिक कर शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि विभाग ने गैर-जीएसटी संग्रह के रूप में कुल 11,247.57 करोड़ रुपए जुटाए हैं, जिसमें पेट्रोल पर वैट के रूप में 10,037.38 करोड़ रुपए, बिजली शुल्क के रूप में 983.81 करोड़ रुपए और पेशा कर के रूप में 226.38 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।

मंत्री यादव ने बताया कि निबंधन से राजस्व संग्रह की दिशा में भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में निबंधन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 8,250 करोड़ रुपए के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया है। यह लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024–25 में 7,500 करोड़ रुपए के लक्ष्य के विरुद्ध 7,648.88 करोड़ रुपए की प्राप्ति हुई थी। इस प्रकार, चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण में 754.58 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

उन्होंने निबंधन से राजस्व प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच जिलों का भी उल्लेख किया। बताया कि अकेले विगत 31 मार्च को 14,905 दस्तावेज निबंधित किए गए और विभाग को 107.74 करोड़ रुपए राजस्व की प्राप्ति हुई।

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