जमुना–कोतमा।
ओसीएम आमाडांड परियोजना में अनुचित श्रम व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र के श्रमिकों में आक्रोश व्याप्त है। खान प्रबंधक एम. रामकृष्ण एवं डिस्पैच नोडल अधिकारी नितिन बाल्के पर लिपिक ग्रेड–3 कर्मचारी अभिनव कुमार सिंह को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि इसी प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें गंभीर अवस्था में अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिनव कुमार सिंह अपनी कुछ कार्यालयीन समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों से मिलने गए थे। आरोप है कि इस दौरान दोनों अधिकारियों द्वारा उन्हें मानसिक दबाव व प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। तनाव के चलते 31 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 2:10 बजे खान प्रबंधक कार्यालय से बाहर निकलते ही उन्हें चक्कर आया और वे अचानक गिर पड़े। हालत इतनी बिगड़ गई कि उनके दोनों पैर काम करना बंद कर गए।
सहकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय कोतमा कॉलरी में भर्ती कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें अपोलो अस्पताल, बिलासपुर रेफर कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष विजय सिंह, संगठन मंत्री कमलभान मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और उपचार में सहयोग किया। वहीं, आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने कर्मचारी का हालचाल जानने तक की संवेदनशीलता नहीं दिखाई, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी और बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि अभिनव कुमार सिंह न केवल एक शिक्षित एवं कर्मठ कर्मचारी हैं, बल्कि बीएमएस ओसीएम शाखा के सह सचिव भी हैं। संगठन का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से दबाव में रखकर परेशान किया जा रहा था।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए ओसीएम अध्यक्ष फ्रांसिस एंथोनी ने उप क्षेत्रीय प्रबंधक एवं महाप्रबंधक को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
घटना के बाद से श्रमिकों में भारी रोष है और आवश्यकता पड़ने पर संगठन व पीड़ित परिवार पुलिस प्रशासन तथा न्यायालय की शरण लेने की बात भी कह रहे हैं।


