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जबलपुर। नगर निगम प्रशासन का चेहरा अक्सर सख्त और नियम-कायदों वाला नजर आता है, लेकिन निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अपनी संवेदनशीलता से इस धारणा को बदल दिया है। करिया पत्थर मरघटाई क्षेत्र के निवासी जेठू वंशकार और उनके परिवार के लिए निगमायुक्त किसी मसीहा से कम साबित नहीं हुए। उनकी तत्परता और उदारता के चलते आज एक बीमार बेबस परिवार के घर खुशियां लौट आई हैं।
*मौके पर बुलाई डॉ की टीम इलाज करवाने खुद संभाली कमान*
जेठू वंशकार काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और आर्थिक तंगी के कारण इलाज करा पाने में असमर्थ थे। जब यह मामला आज निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त के संज्ञान में आया, तो उन्होंने बिना देर किए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने तत्काल शासकीय चिकित्सक को फोन लगाया और जेठू का बेहतर उपचार के लिए अनुरोध किया। निगमायुक्त के अनुरोध पर जेठू के घर पहुंचकर डाक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया। इस मानवीय संवेदना को देखकर परिजनों के अलावा स्थानीय लोगों में भी खुशी और संवेदना के अंशु छलक पड़े ।
दफ्तर नहीं, घर पहुंची निगम की टीम पेंशन हुई शुरू
निगमायुक्त ने परिवार के भविष्य की सुरक्षा का भी ध्यान रखा। उन्होंने उपायुक्त श्रीमती अंकिता जैन और उनकी टीम को निर्देश देकर सीधे जेठू के घर भेजा। टीम ने मौके पर ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं और जेठू की रुकी हुई पेंशन को तत्काल बहाल कराया।
निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बताया कि निगम प्रशासन का असली उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की सेवा करना है। जेठू वंशकार के परिजनों में लौटी खुशी ही हमारी पूरी टीम के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।


