जबलपुर। नगर निगम के सतत प्रयासों से वर्षों बाद शहर के ऐतिहासिक सूरजताल तालाब का कायाकल्प तेज गति से किया जा रहा है। लगभग 5.5 हेक्टेयर (13 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल) में फैले इस तालाब की सफाई और पुनर्जीवन के लिए निगमायुक्त श्री आर.पी. अहिरवार के निर्देशन में बीते 28 दिनों से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इस कार्य में 1 बड़ी हिटाची, 4 मिनी हिटाची, 1 नाव, 1 डोंगी तथा पर्याप्त संख्या में सफाई मित्रों को लगाया गया है, जिससे तालाब की सूरत में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है।
निगमायुक्त ने बताया कि सूरजताल तालाब में लगभग 1 लाख 50 हजार क्यूबिक मीटर पानी संग्रहण की क्षमता है, जो भविष्य में शहर के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगी। अब सुबह की पहली किरण के साथ तालाब में सूर्यदेव का प्रतिबिंब और जल का संगम एक अत्यंत मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रहा है।
सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की तैयारी
आज निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाब की भूमि का तत्काल सीमांकन किया जाए। तहसीलदार एवं पटवारी की टीम के साथ समन्वय कर जल ग्रहण क्षेत्र में किए गए सभी अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का मिला भरपूर समर्थन
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्थानीय नागरिकों से संवाद भी किया। वर्षों से गंदगी और बदहाली झेल रहे नागरिकों ने नगर निगम की इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया और तालाब संरक्षण अभियान में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
स्वच्छ वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य का उपहार
इस परियोजना के पूर्ण होने से स्थानीय नागरिकों को न केवल गंदगी और बदबू से मुक्ति मिलेगी, बल्कि क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण भी प्राप्त होगा। सूरजताल तालाब आने वाले समय में शहर के प्रमुख प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।


