April 11, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयव्यापार

भारत की जीडीपी वित्त वर्ष 27 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान, जी20 देशों में सबसे तेज रहेगी विकास दर: मूडीज



नई दिल्ली, 9 फरवरी । भारत की रियल जीडीपी वित्त वर्ष 2026-27 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इसकी वजह मजबूत घरेलू खपत और नीतिगत समर्थन है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई। 

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत की विकास दर अगले वित्त वर्ष में भी जी20 देशों में सबसे अधिक रहने का अनुमान है।

अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म मूडीज रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत का बैंकिंग सिस्टम का आउटलुक व्यापक स्तर पर अनुकूल बना हुआ है और बैंकों के पास खराब लोन के संयोजन के लिए पर्याप्त रिजर्व हैं।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “सितंबर 2025 में गुड्स एवं सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में कमी और इससे पहले आयकर में कटौती से भारतीय की खर्च करने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है और खपत को बढ़ावा मिला है।”

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 2026-27 में नीतिगत उपायों में और ढील तभी देगा जब आर्थिक गतिविधियों में मंदी के स्पष्ट संकेत दिखेंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने से केंद्रीय बैंक को लचीलापन मिलेगा।

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 में ऋण वृद्धि 11.13 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 (इस वर्ष अब तक) में 10.6 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बड़ी कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर मुनाफे के कारण कॉरपोरेट ऋणों की गुणवत्ता अच्छी बनी रहेगी।

रिपोर्ट में कहा गया है, “बैंकों द्वारा बड़ी कंपनियों के संकटग्रस्त ऋणों का समाधान करने के बाद वसूली धीमी हो जाएगी।”

रेटिंग एजेंसी द्वारा वित्त वर्ष 2027 के लिए किए गए वृद्धि के अनुमान वित्त मंत्रालय के आर्थिक सर्वेक्षण में अनुमानित 6.8-7.2 प्रतिशत की सीमा से कम हैं। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में वृद्धि 7.4 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है।

अन्य ख़बरें

नेशनल हाईवे टोल अब पूरी तरह डिजिटल, फास्टैग और यूपीआई से ही हो रहा भुगतान; कैश पर रोक लागू

Newsdesk

आईपीएल 2026: संजू सैमसन ने लगाया चौथा शतक, डीसी के खिलाफ सीएसके ने बनाए 212 रन

Newsdesk

नेशनल हाईवे टोल अब पूरी तरह डिजिटल, फास्टैग और यूपीआई से ही हो रहा भुगतान; कैश पर रोक लागू

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading