जबलपुर मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में इस शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9वीं और 11वीं की परीक्षाओं की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब ये परीक्षाएं पूरी तरह बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर आयोजित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए पहले से मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करना है, ताकि उन्हें परीक्षा के माहौल और मूल्यांकन प्रणाली की आदत हो सके।
शिक्षा विभाग ने परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। अब तक जहां प्रश्नपत्र स्कूलों में रखे जाते थे, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र सीधे संबंधित पुलिस थानों में सुरक्षित रखे जाएंगे। परीक्षा वाले दिन केंद्राध्यक्ष की मौजूदगी में ही प्रश्नपत्रों के बंडल थाने से निकाले जाएंगे और परीक्षा शुरू होने से ठीक 60 मिनट पहले ही इन्हें खोला जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रश्नपत्र लीक होने, समय से पहले खुलने और नकल जैसी गड़बड़ियों पर पूरी तरह अंकुश लगेगा। इससे परीक्षा प्रणाली अधिक अनुशासित, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी।
जारी समय-सारणी के अनुसार कक्षा 11वीं की परीक्षाएं 23 फरवरी से शुरू होकर 17 मार्च तक संचालित होंगी, जबकि कक्षा 9वीं की परीक्षाएं 2 मार्च से प्रारंभ होकर 17 मार्च 2026 तक चलेंगी। दोनों ही कक्षाओं की परीक्षाएं दोपहर की पाली में आयोजित की जाएंगी, जिनका समय 1.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक निर्धारित किया गया है।
परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के अनुसार किया जाएगा। सभी कॉपियों का मूल्यांकन कार्य 23 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समय पर परिणाम घोषित किए जा सकें।
इन परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए गए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस नई प्रणाली से छात्रों में परीक्षा के प्रति गंभीरता बढ़ेगी, नकल पर रोक लगेगी और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह कदम प्रदेश में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मजबूत और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।


