जबलपुर। कैंट बोर्ड प्रशासन ने लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार सुबह कैंट बोर्ड के राजस्व विभाग ने सदर मेन रोड स्थित प्रसिद्ध प्रतिष्ठान ‘मधुकलश स्वीट्स’ को सील कर दिया। साथ ही मौके पर बकाया टैक्स से संबंधित नोटिस भी चस्पा किया गया।
राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई कैंट बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजीव कुमार के निर्देश पर की गई है। कैंट क्षेत्र में कई ऐसे भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जिन पर लंबे समय से संपत्ति कर बकाया चल रहा है। इन सभी बकायादारों को पहले नोटिस जारी कर तय समय-सीमा के भीतर टैक्स जमा करने का अवसर दिया गया था, लेकिन भुगतान नहीं होने पर अब सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।
नोटिस के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
राजस्व विभाग के आशीष वर्मा ने बताया कि मधुकलश स्वीट्स (मकान मालिक रमेश गुप्ता एवं रजनीश गुप्ता) को पूर्व में कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद संपत्ति कर जमा नहीं किया गया। मजबूरी में विभाग को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में ऐसे अन्य बड़े बकायादारों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
रांझी में भी सील हुई मेमोरी लॉज
कैंट बोर्ड की टीम ने इसी दिन रांझी मेन रोड स्थित मेमोरी लॉज (मकान मालिक आरती जायसवाल) को भी बकाया टैक्स के चलते सील कर दिया। दोनों स्थानों पर चेतावनी नोटिस चस्पा कर यह स्पष्ट किया गया है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक सील नहीं हटाई जाएगी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
राजस्व विभाग के अनुसार इससे पहले भी सदर बाजार क्षेत्र में दो भवनों को सील किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि टैक्स बकायादारों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि राजस्व वसूली सुनिश्चित की जा सके और नगर सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा सकें।
व्यापारियों में मचा हड़कंप
मधुकलश स्वीट्स जैसे बड़े प्रतिष्ठान पर कार्रवाई के बाद कैंट क्षेत्र के अन्य व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया है। कई व्यापारी अब अपने-अपने टैक्स रिकॉर्ड खंगालने में जुट गए हैं, ताकि किसी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।
कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के आशीष वर्मा के साथ जाहिद अंसारी, मिथलेश यादव और खेमराज मीना भी मौके पर मौजूद रहे।
कैंट बोर्ड प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि अब बकाया टैक्स को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और समय पर भुगतान नहीं करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।


