तीन घंटे तक छिपे रहे, स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल
जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के हॉस्टल से बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब दो छात्र अचानक लापता हो गए। बच्चों के हॉस्टल में नहीं मिलने पर स्कूल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद देर रात तक पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद दोनों छात्र स्कूल की एक कक्षा में रखी अलमारी के अंदर सुरक्षित अवस्था में मिले।
जानकारी के अनुसार, हॉस्टल में रूटीन चेकिंग के दौरान जब स्टाफ को छात्र नहीं मिले तो पहले स्कूल स्तर पर खोजबीन की गई। जब कहीं पता नहीं चला तो माढ़ोताल थाना पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने स्कूल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की, लेकिन फुटेज में दोनों छात्र कहीं बाहर जाते हुए नजर नहीं आए। इसके बाद पुलिस, स्कूल स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों ने मिलकर हॉस्टल, क्लासरूम, लाइब्रेरी, स्टोर रूम और अन्य कमरों की बारीकी से तलाशी शुरू की।
करीब तीन घंटे बाद पुलिस को एक कक्षा में रखी अलमारी से हल्की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद अलमारी खोली गई। अंदर दोनों छात्र छिपे हुए मिले। छात्रों की पहचान सार्थक पटेल और आलोक के रूप में हुई है। दोनों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने राहत की सांस ली।
पूछताछ में छात्र सार्थक पटेल ने बताया कि वह पिछले दो सप्ताह से अपने माता-पिता से फोन पर बात नहीं कर पा रहा था। उसने बताया कि हॉस्टल में नियम के अनुसार रविवार को अभिभावकों से बात कराई जाती है, लेकिन उसे लगातार मौका नहीं दिया गया। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने साथी आलोक के साथ बुधवार शाम करीब सात बजे एक कक्षा में जाकर अलमारी के अंदर छिपने का फैसला किया, ताकि स्कूल प्रशासन को अपनी नाराजगी का एहसास करा सके।
सार्थक के पिता सीताराम पटेल, निवासी गोटेगांव जिला नरसिंहपुर, ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों से नियमित रूप से अभिभावकों से बात कराने का नियम है, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद बच्चों से बात नहीं कराई जाती। इससे बच्चे मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं और इस तरह के कदम उठाने पर मजबूर होते हैं।
माढ़ोताल थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार ने बताया कि दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्चों का अलमारी में छिपना सिर्फ नाराजगी का परिणाम था या फिर स्कूल में किसी तरह की मानसिक प्रताड़ना या लापरवाही से जुड़ा मामला है।
फिलहाल पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से भी पूछताछ शुरू कर दी है और हॉस्टल की व्यवस्था, बच्चों से संवाद की प्रक्रिया तथा सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है। मामले को लेकर शिक्षा विभाग को भी अवगत कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बच्चों की सुरक्षा व मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ठोस कदम उठाए जा सकें।


