संवैधानिक मूल्यों पर होगा मंथन, देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल_
सिवनी- संवैधानिक मूल्यों और लोककल्याणकारी राज्य की अवधारणा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासकीय विधि महाविद्यालय, सिवनी द्वारा 24 एवं 25 फरवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष संगोष्ठी का केंद्रीय विषय “लोककल्याणकारी राज्य के निर्माण में संवैधानिक व्यवस्था एवं मूल्यों का महत्व” निर्धारित किया गया है।
यह प्रतिष्ठित आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, सिवनी के ऑडिटोरियम हॉल में संपन्न होगा। कार्यक्रम में देशभर के विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग लेकर समकालीन संवैधानिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।
महत्वपूर्ण विषयों पर होगी शोधपरक चर्चा
संगोष्ठी के दौरान सामाजिक न्याय, मानव गरिमा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता, न्यायपालिका की सक्रियता, संवैधानिक नैतिकता, खेल का अधिकार तथा लोककल्याणकारी राज्य के निर्माण में विधि एवं साहित्य की भूमिका जैसे ज्वलंत विषयों पर शोधपरक प्रस्तुतियां और संवाद आयोजित किए जाएंगे।
शोध-पत्र आमंत्रित
आयोजन समिति ने प्रतिभागियों से शोध-पत्र आमंत्रित किए हैं।
सारांश: अधिकतम 300 शब्द
पूर्ण शोध-पत्र: अधिकतम 2000 शब्द
अंतिम तिथि: 23 फरवरी 2026
स्वीकृत शोध-पत्रों का प्रकाशन ISBN युक्त पुस्तक में किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शोध प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।
पंजीकरण शुल्क एवं सुविधाएं
पंजीकरण शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है—
नियमित संकाय: ₹500
अतिथि संकाय: ₹400
शोधार्थी/स्नातकोत्तर विद्यार्थी: ₹300
स्नातक विद्यार्थी: ₹200
सभी प्रतिभागियों को जलपान, भोजन, संगोष्ठी किट एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार चौरासे ने बताया कि यह संगोष्ठी संविधान के मूल्यों को समाज में सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। इससे विधि विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को गहन अकादमिक संवाद और शोध के नए आयामों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
संपर्क हेतु:
📞 8770949864, 7000133884
📧 seminar.glcs@gmail.com, govtlawcollegeseoni2016@gmail.com
यह राष्ट्रीय संगोष्ठी सिवनी जिले के लिए गौरव का विषय है और निश्चित ही अकादमिक जगत में एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।


