पं. अटल बिहारी वाजपेई शासकीय महाविद्यालय जय नगरसिंहनगर,जिला-शहडोल (म. प्र.) में उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश के शासन आदेशानुसार पीएम उषा योजना द्वारा प्रायोजित अर्थशास्त्र विभाग के द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 19 फरवरी 2026 को किया गया जिसका विषय- “*वर्तमान परिदृश्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था: चुनौतियों तथा अवसर*” का हाइब्रिड मोड पर भव्य आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी जी के कुशल मार्गदर्शन में किया गया! इस एक दिवासीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य मुख्य अतिथि,मुख्य वक्ता, विशिष्ट वक्ताओं द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्या अर्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया | विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत का सुंदर प्रस्तुति दी गई,अतिथियों को पुष्प गुच्छ, बैच मोमेंटो एवं शाल श्रीफल देकर स्वागत किया गया! महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा स्वागत उद्बोधन एवं आशीर्वचन प्रदान किया गया तथा सेमिनार की सफलता हेतु अग्रिम शुभकामनाएं दी! सेमिनार के विषय पर प्रकाश कार्यक्रम के संयोजक पीएम उषा प्रभारी गजेंद्र परते द्वारा डाला गया! मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. विनोद सेन सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय अमरकंटक जिला-अनूपपुर ने अपने व्याख्यान मोटे अनाजों का महत्व बताते हुए कुटकी,ज्वार, बाजरा जैसी खेती से हमारे भारत की आर्थिक व्यवस्था का योगदान बताया,इन्होंने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था हेतु कृषि कार्यों में सुधार की आवश्यकता बताया! इसी क्रम में विशिष्ट वक्ता डॉ.नसीम बेगम अंसारी विभागाध्यक्ष एवं सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय महेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़ ने अपने व्याख्यान में वर्तमान परिदृश्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की चुनौतियों तथा अवसर पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला इन्होंने अपने व्याख्यान में संतुलित क्षेत्रीय विकास नीतिगत योजना को लागू करने की आवश्यकता बताई! डॉ अरविंद शाह बड़कड़े सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय रणविजय प्रताप सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय उमरिया ने अपने व्याख्यान में बताया कि कृषि भारत की रीड की हड्डी है ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी चुनौती है नई शिक्षा नीति 2020 में कृषि को पाठ्यक्रम में सुचारू रूप से क्रियान्वयन के बारे में जानकारी दी, उद्यमिता को विशेष बल देते हुए उन्नत कृषि के बारे में जानकारी दी! मुख्य अतिथि डॉ. आर. सी. त्रिपाठी प्रोफेसर पीएम सी ओई कॉलेज बुढ़ार अपने व्याख्यान में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की इतिहास से लेकर वर्तमान स्थिति तक वर्णन किया साथ ही इन्होंने कृषि में जैविक खेती के महत्व पर जोर दिया! अंत में राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में आभासी पटेल से जुड़े प्रतिभागियों द्वारा शोध पत्रिका वाचन किया गया कार्यक्रम का सफल संचालन एकदिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक पीएम उषा प्रभारी गजेंद्र परते सहायक प्राध्यापक अर्थशास्त्र द्वारा किया गया तथा संगोष्ठी में विभिन्न महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय से आए शोधार्थी, सहायक प्राध्यापक, मीडिया जगत के पत्रकार बंधु महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही ! आभार उत्तम सिंह विभागाध्यक्ष प्राणी शास्त्र द्वारा किया गया!


