April 12, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

उगली क्षेत्र में 14 बैल संदिग्ध परिस्थितियों में मिले, पुलिस जांच में जुटी



_विश्व हिंदू परिषद व स्थानीय युवाओं की सतर्कता से मवेशी सुरक्षित, कामधेनु गौशाला भेजे गए_

सिवनी – जिले के सिवनी जिला अंतर्गत उगली थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात लगभग 11 से 12 बजे के बीच संदिग्ध परिस्थितियों में 14 बैल एकांत स्थान पर बंधे हुए पाए गए। यह मामला ग्राम पंचायत रुमाल के घाट खरपड़िया एवं सारसडोल ग्राम पंचायत के टिकरी गांव के मध्य सड़क मार्ग का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय युवाओं ने सड़क किनारे एकांत स्थान पर बड़ी संख्या में बैलों को बंधा देखा। परिस्थिति संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्होंने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए सभी मवेशियों को सुरक्षित कब्जे में लिया और रात में ही उन्हें पुलिस थाना उगली परिसर में पहुंचाकर थाना प्रभारी को सौंप दिया। इस दौरान देव ठाकुर, जनपद सदस्य पति बसंत देशमुख तथा घाट खरपड़िया के युवकों की विशेष भूमिका रही।
रविवार सुबह थाना प्रभारी उगली ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ क्षेत्रीय युवकों द्वारा 14 बैल थाना परिसर में लाए गए हैं। प्रारंभिक जांच में मामला गौ तस्करी एवं पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा सभी मवेशियों को निकटस्थ ग्राम चिखली स्थित कामधेनु गौशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। गौशाला संचालक श्रीमती छाया अनिल ऐडे ने बताया कि उगली थाना से भेजे गए मवेशियों को सुरक्षित रखा गया है। यदि इनके वास्तविक मालिक सामने आते हैं तो नियमानुसार चारा-पानी एवं देखभाल का व्यय लेकर उन्हें पशु वापस सौंपे जाएंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उगली क्षेत्र बालाघाट जिले की सीमा एवं वैनगंगा नदी के आसपास स्थित ग्रामीण अंचलों से जुड़ा होने के कारण यहां पशु तस्करी की गतिविधियां समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में जागरूक नागरिकों, विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ताओं तथा पुलिस विभाग की सतर्कता महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
सुबह थाना परिसर में जब बैलों को देखा गया तो वे जोड़ी में बंधे हुए थे और अधिकांश वृद्धावस्था की ओर अग्रसर बताए गए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मवेशी किसके हैं और उन्हें वहां किस उद्देश्य से बांधा गया था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
प्रकरण ने क्षेत्र में पशु संरक्षण एवं अवैध गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सजगता की आवश्यकता को रेखांकित किया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का वास्तविक खुलासा हो सकेगा।

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