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August 22, 2026
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ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश अब भारतीय मंदिरों तक: इस्कॉन की ‘प्रसाद सेवा’ पर संकट के बादल

कोलकाता, 12 मार्च । अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब भारतीय घरों और मंदिरों तक पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है।

सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल गैस की सप्लाई पर सख्ती बरती है। इससे होटल, रेस्टोरेंट, और बड़े पैमाने पर खाना बनाने वाली जगहों पर संकट है। ऐसे में कोलकाता के इस्कॉन मंदिर के राधारामन दास ने एलपीजी संकट पर प्रतिक्रिया दी।

राधारामन दास ने बताया कि ऐसा संकट उन्होंने अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं देखा। मंदिर में बड़े स्तर पर प्रसाद बनता है, इसलिए वे घरेलू और कमर्शियल दोनों कनेक्शन इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर प्रसाद बनाने के लिए सिर्फ घरेलू कनेक्शन पर्याप्त नहीं होते।

उन्होंने कहा, “जब इस्कॉन के फाउंडर आचार्य श्रील प्रभुपाद ने इस संस्थान की स्थापना की थी तो उन्होंने निर्देशन दिया था कि किसी इस्कॉन मंदिर के 10 किलो के दायरे में कोई भी खाली पेट नहीं सोएगा। इसी वजह से दुनिया भर में 1,250 से ज्यादा इस्कॉन मंदिर हर शाम मुफ्त प्रसाद बांटते हैं।”

उन्होंने बताया कि शाम के समय मंदिर में प्रसाद के लिए काफी लंबी लाइनें लगती हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप शाम को 7 या 7:30 बजे इस्कॉन अल्बर्ट रोड आएंगे तो आप देखेंगे कि वहां एक लंबी लाइन लगी होती है, जहां लोग टिफिन में प्रसाद ले जाते हैं।”

उन्होंने दुख जाहिर करते हुए कहा कि गैस संकट से यह सेवा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा, “अगर गैस नहीं मिली तो लोगों की सेवा करनी मुश्किल हो जाएगी। सरकार ने गांवों तक एलपीजी पहुंचाई है, लेकिन अगर सिलेंडर नहीं मिले तो लोग खाना कैसे बनाएंगे?”

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