24.8 C
Jabalpur
March 20, 2026
सी टाइम्स
हेल्थ एंड साइंस

श्रीलंका में टीबी: हर साल 9,500 नए मामले आ रहे सामने



कोलंबो, 19 मार्च ()। नेशनल प्रोग्राम फॉर ट्यूबरकुलोसिस कंट्रोल एंड चेस्ट डिजीज (एनपीटीसीसीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि श्रीलंका में हर साल 8,500 से 9,500 ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के मामले दर्ज होते हैं।

देश में 2025 में 8,726 टीबी मरीजों का पता चला। एनपीटीसीसीडी की  चिकित्सक ने पत्रकारों को बताया कि लगभग 75 फीसदी मरीजों को फेफड़ों की टीबी थी, जबकि लगभग 5,500 में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया थे जो दूसरों को बीमारी फैला सकते थे।

उन्होंने कहा कि देश के लगभग 45 फीसदी टीबी के मामले पश्चिमी क्षेत्र से रिपोर्ट किए जाते हैं। टीबी के मामले कोलंबो जिले के कई घनी आबादी वाले इलाकों में ज्यादा हैं, जिनमें मोडारा, मट्टाकुलिया, बोरेला, वनाथमुल्ला और ग्रैंडपास शामिल हैं।

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, चिकित्सक ने बताया कि स्वास्थ्य अधिकारियों को अगले साल लगभग 500 मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

टीबी एक संक्रमण फैलाने वाली बीमारी है जो बैक्टीरिया से होती है और ज्यादातर फेफड़ों पर असर डालती है। यह हवा के जरिए तब फैलती है जब टीबी पीड़ित खांसते, छींकते या थूकते हैं।

टीबी को रोका जा सकता है और इसका इलाज किया जा सकता है।

अनुमान है कि दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी टीबी बैक्टीरिया से संक्रमित है। आम तौर पर, टीबी संक्रमित बीमार महसूस नहीं करते और वे छूत की बीमारी नहीं फैलाते। टीबी संक्रमित लगभग 5–10 फीसदी लोगों में लक्षण तब दिखते हैं जब वो टीबी की गिरफ्त में आ जाते हैं। अगर बच्चे संक्रमित होते हैं तो उन्हें बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है।

बीमार का इलाज आम तौर पर एंटीबायोटिक्स से किया जाता है और बिना इलाज के यह जानलेवा हो सकती है।

कुछ देशों में, टीबी से बचाव के लिए बच्चों या छोटे बच्चों को बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) वैक्सीन दी जाती है। यह वैक्सीन टीबी से होने वाली मौतों को रोकती है और बच्चों को टीबी के गंभीर रूपों से बचाती है।

अन्य ख़बरें

वसंत में आहार से लेकर दिनचर्या में परिवर्तन जरूरी, दिन में सोने से करें परहेज

Newsdesk

हीटवेव से अपच तक को दूर करने में कारगर, गर्मी में सेहत के लिए वरदान से कम नहीं ‘नीम का फूल

Newsdesk

नवरात्रि व्रत में मखाना : हल्का, पौष्टिक और एनर्जी से भरपूर, व्रत के लिए सर्वोत्तम आहार

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading