बालाघाट। बालाघाट में पुलिस ने एक बड़े साइबर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक ही व्यक्ति के चेहरे का इस्तेमाल कर 105 मोबाइल सिम कार्ड जारी कराए गए। मामला पुलिस थाना कोतवाली बालाघाट में दर्ज अपराध क्रमांक 184/2026 से जुड़ा है।
सायबर सेल प्रभारी कमलेश यादव की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक ही चेहरे की फोटो को अलग-अलग तरीके से एडिट कर फर्जी आधार और वोटर आईडी बनाए। इन दस्तावेजों के जरिए अलग-अलग नामों से सिम कार्ड लिए गए, जिनका उपयोग साइबर अपराधों में होने की आशंका है।
जांच में पीओएस एजेंटों की मिलीभगत भी उजागर हुई है। इसमें खुमेश उर्फ सौरभ सिंह, सय्यम, जगेश्वर, खुमेश, संजय और अनय के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने बिना सही केवाईसी के सिम जारी किए।
बालाघाट पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी, आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। इसी पैटर्न के तीन और मामलों का खुलासा होने पर कोतवाली में कुल चार एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं।
इधर परसवाड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी खुमेश गौतम (निवासी ग्राम भोरवाही) को गिरफ्तार किया है। पुलिस को उससे गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और देशभर में साइबर ठगी को अंजाम दे सकता है। फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच जारी है।
पुलिस की सलाह:
बालाघाट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सिम कार्ड लेते समय पूरी सावधानी बरतें और अपने दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें।


