जबलपुर। शहर के लामती क्षेत्र (गली नंबर 4) के निवासियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद क्षेत्र की पूरी तरह अनदेखी कर दी जाती है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यहां आज तक पक्की सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। बरसात के दिनों में हालात और बदतर हो जाते हैं, जहां पानी भराव और कीचड़ के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है, जिसके चलते लोगों को खुद ही सफाई करनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे साल 2014-15 से लगातार नगर निगम को टैक्स अदा कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही। जब भी वे अपनी समस्या लेकर अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं, तो क्षेत्र को “अवैध कॉलोनी” बताकर काम करने से इनकार कर दिया जाता है।
महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वोट मांगने के समय नेता घर-घर पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी शक्ल तक देखने को नहीं मिलती। कई बार पार्षद, महापौर और विधायक को समस्या बताई गई, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
क्षेत्र में भारी वाहनों का आवागमन भी एक बड़ी समस्या बन गया है। डंपर और हाईवा के कारण सड़कें और ज्यादा खराब हो रही हैं, साथ ही उड़ती धूल से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस समस्या पर भी प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क, नाली और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो वे नगर निगम के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस नाराजगी को कितनी गंभीरता से लेते हैं।


