जबलपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कुछ दिन पहले दो महिलाओं के बीच हुई मारपीट और एक पक्ष द्वारा स्वयं को पत्रकार बताए जाने के मामले के बाद पुलिस ने सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सख्त कर दी है। घटना के बाद विभिन्न पत्रकार संगठनों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारिता की आड़ में कथित रूप से अवैध गतिविधियां करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इसी क्रम में जनसुनवाई के दौरान एसपी कार्यालय आने वाले लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। स्वयं को मीडिया से जुड़ा बताने वाले व्यक्तियों से उनका नाम, पता, मोबाइल नंबर, मीडिया संस्थान और अन्य आवश्यक जानकारी ली जा रही है। बिना उचित कार्य के किसी को कार्यालय परिसर में रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
वरिष्ठ पत्रकारों का कहना है कि ऐसे कदमों से वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों की पहचान सुरक्षित रहेगी तथा पत्रकारिता की आड़ में लोगों को भ्रमित करने वाले तत्वों पर अंकुश लगेगा। पुलिस की इस पहल की पत्रकार संगठनों ने सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे प्रशासनिक कार्यालयों में व्यवस्था बेहतर होगी और पत्रकारिता की गरिमा भी बनी रहेगी। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है।


