वॉशिंगटन, 27 जून । अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सिंगापुर के ध्वज वाले एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर तेहरान के हमले के बाद, ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद से यह वॉशिंगटन की पहली प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई है। यूएस सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) ने कहा कि ईरान ने 25 जून को एम/वी एवर लवली को वन-वे अटैक ड्रोन से निशाना बनाया था, जिसके बाद हमलों में ईरानी मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज साइट्स के साथ-साथ तटीय रडार इंस्टॉलेशन को भी निशाना बनाया गया। जहाज ओमानी तट के साथ होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकल रहा था, जब उस पर हमला हुआ। कमांड ने एक बयान में कहा, “सीईएनटीसीओएम बलों ने 26 जून को ईरान के खिलाफ हमले किए, जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले का एक जोरदार जवाब था।” बयान में कहा गया कि 25 जून को ईरान द्वारा मालवाहक जहाज एम/वी एवर लवली पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला किए जाने के बाद अमेरिकी सैन्य विमानों ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार स्थलों को निशाना बनाया गया। सीईएनटीसीओएम ने कहा कि मर्चेंट वेसल पर हमला साफ तौर पर सीजफायर का उल्लंघन है। इसमें कहा गया, “ईरानी सेना का कमर्शियल शिपिंग पर बेवजह हमला साफ तौर पर सीजफायर का उल्लंघन है। इसके अलावा, ईरान के खतरनाक व्यवहार ने नेविगेशन की आजादी को कमजोर किया है, क्योंकि कॉमर्स तेजी से जरूरी अंतरराष्ट्रीय व्यापार कॉरिडोर से होकर गुजरता है।” यूएस सेंट्रल कमांड ने कहा कि वह रणनीतिक जलमार्ग के जरिए कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा करता रहेगा। उन्होंने कहा, “सीईएनटीसीओएम फोर्स स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित आवाजाही के लिए समन्वय और सहयोग देना जारी रखे हुए हैं। अमेरिकी सेना मौजूद है और यह सुनिश्चित करने के लिए चौकस है कि ईरान के साथ समझौते की सभी बातों का पालन किया जाए और वे पूरी ताकत और प्रभाव में हों।” ऑपरेशन से कुछ घंटे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्गो जहाज पर ईरान के हमले की आलोचना की। ट्रंप ने ओवल ऑफिस में मीडिया से कहा, “मुझे यह बात पसंद नहीं है कि उन्होंने कल गोली चलाई। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।” इससे पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे जहाजों पर चार वन-वे अटैक ड्रोन लॉन्च किए थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने उनमें से तीन ड्रोन को रोक दिया, जबकि चौथे ने कार्गो जहाज पर हमला किया। पोर्ट में एक टेलीकम्युनिकेशन टावर पर हमला किया। अखबार ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने चेतावनी दी है कि किसी भी नई बेवकूफी का कड़ा जवाब दिया जाएगा, जिससे इलाके में हमलावरों का भ्रम टूट जाएगा। द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरीउन्होंने लिखा, “जाहिर है, यह हमारे सीजफायर एग्रीमेंट का बेवकूफी भरा उल्लंघन है।” ईरान ने जहाज पर हमले की जिम्मेदारी तुरंत नहीं ली।


