पटना, जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान कथित सरकारी हस्तक्षेप को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता जागरूकता अभियान के नाम पर जीविका दीदियों का इस्तेमाल महिलाओं तक पहुंचने और उन्हें प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर मतदाता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पक्ष में मतदान नहीं करते हैं तो उन्हें राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ बंद होने की बात कही जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति पहले भी देखने को मिली थी और अब दोबारा ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। पटना जिला मजिस्ट्रेट के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी वही गतिविधि दोहराई गई है, जिसे उनकी पार्टी पहले आपत्तिजनक बता चुकी है।उन्होंने कहा कि वोटर अवेयरनेस के नाम पर जीविका दीदियों, जो सरकार से जुड़ी वर्कर हैं उनका इस्तेमाल महिलाओं तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि अगर उन्होंने एनडीए या भाजपा को वोट नहीं दिया तो सरकारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी। उनकी पार्टी को पूरे दिन ऐसी शिकायतें मिलती रहीं कि जीविका नेटवर्क से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर इस तरह की बातें कर रही हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज के नेताओं ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि जीविका से जुड़ी महिलाओं या किसी भी अर्ध-सरकारी कर्मचारी को चुनावी गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ही तय करेगी कि चुनाव में किसे समर्थन देना है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में जन सुराज की मौजूदगी ने राजनीतिक मुकाबले को बदल दिया है और यही कारण है कि बड़ी राजनीतिक ताकतें अब इस सीट पर अधिक सक्रिय दिखाई दे रही हैं।


