कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों पर हुई चर्चा
जबलपुर। मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन की प्रांतीय बैठक, फेडरेशन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन का संयुक्त सम्मेलन और सम्मान समारोह सतना स्थित श्रम कल्याण केंद्र में फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राजपूत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। सम्मेलन में बिजली कंपनियों के कर्मचारियों और पेंशनर्स की लंबित समस्याओं, भर्ती प्रक्रिया तथा विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
फेडरेशन के महामंत्री एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष राकेश डी.पी. पाठक ने कहा कि लंबे समय बाद बिजली क्षेत्र में नियमित पदों का सृजन कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है तथा करीब 20 वर्षों बाद नए फ्रिंज बेनिफिट स्वीकृत हुए हैं।
उन्होंने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने, वेतन विसंगतियां दूर करने, सेवा निवृत्ति आयु में समानता, संविदा कर्मियों व अनुकंपा आश्रितों के नियमितीकरण, राज्य पुनर्गठन की धारा-49 समाप्त करने तथा केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता, महंगाई राहत और परिवार पेंशन राहत लागू करने की मांग उठाई।
राकेश पाठक ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को बिना शर्त नियमित नियुक्ति दी जाए। यदि परीक्षा आवश्यक हो तो न्यूनतम पात्रता अंक कम किए जाएं।
सम्मेलन में फेडरेशन के मार्गदर्शक एवं संरक्षक एम.जी. सक्सेना का शाल, श्रीफल और सम्मान-पत्र देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर बी.पी. पटेल ने उनके संगठनात्मक योगदान पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय उद्बोधन में लक्ष्मण सिंह राजपूत ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। एन.के. यादव, नरेंद्र मिश्रा, दिनेश दुबे, सुरेश बाबू खरे, रामेश्वर गांगे, किशोर चौहान, गोपाल चौहान और जी.एल. चौरसिया सहित अन्य वक्ताओं ने कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के हितों की रक्षा के लिए संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में उमाशंकर मेहता, दिलीप शर्मा, सुरेश डांगी, आर.के. कौशिक, ए.के. सिंह, नागेंद्र कुमार निगम, के. सिंह बघेल, अनूप वर्मा, एन.एस. राजपूत तथा डी.एस. माथुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर्स मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन एन.एस. राजपूत ने किया।


