निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा से नहीं किया जाएगा समझौता-अनुभा मुंजारे*
बालाघाट। शहर के जय स्तंभ चौक स्थित निर्माणाधीन जिला निशक्तजन पुनर्वास केंद्र बालाघाट की नवीन भवन निर्माणाधीन बिल्डिंग का औचक निरीक्षण किया गया। लगभग 4 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस भवन के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता एवं उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री का बारीकी से जायजा लिया गया। साथ ही मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों से भवन निर्माण की वर्तमान स्थिति एवं अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली गई।
बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे के निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण कार्य में निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं होने तथा निर्माण कार्य की गति को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। निरीक्षण में निर्माण सामग्री एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीरता से जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे मटेरियल की गुणवत्ता, निर्माण की तकनीकी स्थिति तथा शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
मुंजारे ने निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि शासन द्वारा जनहित में करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत कर महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण कराया जाता है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गुणवत्ताविहीन सामग्री का उपयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों एवं ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती नहीं जाए।
आगे विधायक ने कहा कि शासन की राशि जनता की राशि है और उसका एक-एक रुपया जनहित में सही तरीके से खर्च होना चाहिए। किसी भी स्तर पर शासकीय धन की बर्बादी या निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निर्माण कार्य की नियमित रूप से निगरानी की जाए और कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। साथ ही ठेकेदार को भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण कार्य को गति देने तथा तय समय-सीमा में भवन का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिला निशक्तजन पुनर्वास केंद्र का यह भवन जिले के दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को पुनर्वास, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऐसे में भवन का मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय पर तैयार होना बेहद आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान यह भी कहा गया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भवन लंबे समय तक उपयोग में रहेगा,इसलिए वर्तमान में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही भविष्य में बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
औचक निरीक्षण के दौरान दिए गए सख्त निर्देशों के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति पर लगातार निगरानी रखने की बात अधिकारी द्वारा कही गई है।


