*सीआईसी क्षेत्र की छह शाखाओं के पदाधिकारी हुए शामिल, रेल कर्मचारियों की सेवा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता*
अनूपपुर। रेलवे मजदूर कांग्रेस की सीआईसी क्षेत्र अंतर्गत उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, पेंड्रारोड़, मनेंद्रगढ़ एवं करंजी शाखाओं की संयुक्त बैठक 09 अगस्त 2026 को रेलवे मजदूर कांग्रेस शाखा अनूपपुर कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने तथा रेल कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित होकर कार्य करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर मंडल समन्वयक विजय अग्निहोत्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जोनल कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण राव ने की। अतिरिक्त संयुक्त महामंत्री राजेश खोपारागड़े एवं केंद्रीय कोषाध्यक्ष सांई किरण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मंडल समन्वयक विजय अग्निहोत्री ने कहा कि महामंत्री पीताम्बर लक्ष्मीनारायण के निर्देशानुसार विभिन्न शाखाओं में कार्यकर्ता प्रशिक्षण एवं संगठन के नियमों की जानकारी देने के उद्देश्य से संयुक्त बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी को अनुशासन के साथ कार्य करते हुए रेल कर्मचारियों की सेवा एवं उनके हितों के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।
जोनल कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण राव ने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारियों को प्रशिक्षित कर रेलवे मजदूर कांग्रेस के पंचशील कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने रक्तदान, परिवार नियोजन, वृक्षारोपण, खेल एवं एथलीट गतिविधियों तथा स्वच्छता-सफाई अभियान के माध्यम से रेल कर्मचारियों एवं समाज की सेवा करने का आह्वान किया।
बैठक में विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उमरिया शाखा सचिव जावेद खान, शहडोल शाखा सचिव बालकृष्ण बंगारी, अनूपपुर शाखा सचिव जयंतो दास गुप्ता, पेंड्रारोड़ शाखा सचिव एन. हेमंत कुमार, मनेंद्रगढ़ शाखा सचिव खुर्शीद आलम एवं करंजी शाखा सचिव पप्पू सिंह ने संगठन की गतिविधियों एवं कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में सिराज अहमद मंसूरी, संजीव राव, प्रशांत दीक्षित, प्रभाष कुमार, मनीलाल राजवाड़े, इरशाद अहमद, जान सिंह सहित विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना तथा पदाधिकारियों को संगठनात्मक नियमों, अनुशासन और रेल कर्मचारियों की सेवा के प्रति जिम्मेदारियों से अवगत कराना रहा।


