कीचड़ और फिसलन के बीच विसर्जन की व्यवस्था पर सवाल, एडवोकेट जयंत राव ने उठाई प्रशासनिक तैयारियों पर आपत्ति*
अनूपपुर। अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र में बनाए गए विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। एडवोकेट एवं समाजसेवक जयंत राव ने शिकायत करते हुए कहा कि विसर्जन स्थल पर आवश्यक मशीनरी की समय पर व्यवस्था नहीं होने के साथ स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति भी बनी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति दिखाई दी।
शिकायत के मुताबिक, रात करीब 12 बजे तक विसर्जन कुंड पर क्रेन उपलब्ध नहीं थी। इस दौरान तहसीलदार से व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेने पर हाइड्रा मशीन की व्यवस्था किए जाने की बात बताई गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार काफी समय बीतने के बाद भी हाइड्रा मौके पर उपलब्ध नहीं हो सका।
*कीचड़ और फिसलन के बीच विसर्जन की व्यवस्था*
विसर्जन के बाद मौके की स्थिति का जायजा लेने पर स्थल पर काफी मात्रा में कीचड़ और फिसलन दिखाई देने की बात सामने आई। ऐसे स्थान पर श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के साथ पहुंचने और विसर्जन करने में परेशानी की स्थिति बन सकती थी। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थल की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
जयंत राव का कहना है कि जिस स्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से रहती है, वहां आवागमन के लिए सुरक्षित रास्ता, पर्याप्त प्रकाश, कीचड़ से बचाव तथा फिसलन रोकने के इंतजाम पहले से किए जाने चाहिए थे।
*पहले से निर्धारित था विसर्जन का कार्यक्रम*
गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन अनंत चतुर्दशी पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होता है। इसके बावजूद विसर्जन स्थल पर क्रेन अथवा हाइड्रा जैसी आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता को लेकर शिकायत सामने आने से तैयारियों पर सवाल उठे हैं। वहीं, स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति ने भी व्यवस्थाओं की पूर्व तैयारी पर प्रश्नचिह्न लगाया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन की तैयारियों में समन्वय की कमी और लापरवाही स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
व्यवस्था की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
एडवोकेट एवं समाजसेवक जयंत राव ने प्रशासन से मांग की है कि विसर्जन स्थल पर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा कर यह पता लगाया जाए कि आवश्यक मशीनरी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम समय रहते क्यों नहीं किए गए। उन्होंने भविष्य में ऐसे धार्मिक आयोजनों से पहले स्थल का निरीक्षण, कीचड़ एवं फिसलन से निपटने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश, सुरक्षा इंतजाम तथा क्रेन या हाइड्रा जैसी मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि जब गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की तिथि पहले से निर्धारित थी, तो क्या विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं का पूर्व निरीक्षण किया गया था? यदि निरीक्षण हुआ था, तो कीचड़, फिसलन और मशीनरी की उपलब्धता जैसी समस्याएं समय रहते दूर क्यों नहीं की गईं?


