मुजफ्फरपुर, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चल रहे विवाद के बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता, बिहार में कानून-व्यवस्था और राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहे हैं और यह कोई नया आरोप नहीं है। प्रशांत किशोर ने अपने पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद भी उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद जब उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई थी, तब उन्होंने कहा था कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करता तो भाजपा को 77 सीटें नहीं मिलतीं और उसकी सीटों की संख्या 50 से भी कम होती।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े विवाद को समझने के लिए मामले की जड़ तक जाना जरूरी है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता जब अपराधियों, भ्रष्ट लोगों और माफिया को वोट देती है तो उससे बेहतर शासन की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि समाज गलत लोगों को सत्ता में पहुंचाएगा, तो सरकार से साफ-सुथरी व्यवस्था की अपेक्षा करना मुश्किल होगा। अगर आप बबूल बोएंगे, तो आम खाने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध और अपराधियों के बढ़ते हौसले को देखकर ऐसा लगता है कि जिन लोगों ने ‘जंगल राज’ के नाम पर वोट मांगकर सत्ता हासिल की थी, वे उससे भी खराब व्यवस्था चला रहे हैं।


