मुंबई, सिने एंड टेलीविजन आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) की कमेटी को लेकर चल रहा विवाद अब संस्था के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तक पहुंच गया है। अभिनेत्री और सिंटा की पूर्व पदाधिकारी उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर संस्था के फंड और बैंक अकाउंट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आईएएनएस से खास बातचीत में उपासना ने दावा किया कि उन्होंने कमेटी के भंग होने के बाद फ्रीज किए गए बैंक अकाउंट को एक्सेस किया और सिंटा की एफडी का पैसा दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया।आईएएनएस से बात करते हुए उपासना ने कहा, ”हमारे पांच बैंकों में एफडी हैं और पांच बैंकों में अकाउंट हैं। जब हमारी कमेटी भंग हुई थी, तब दीपक पाराशर ट्रेजरर थे। इसलिए हमने सभी बैंकों को बताया था कि कमेटी भंग हो चुकी है। हमने उनसे कहा था कि जब नई कमेटी आए और जो भी कार्यभार संभाले, तभी अकाउंट खोले जाएं तब तक उन्हें फ्रीज रखा जाए।”
उन्होंने आगे कहा, ”अदालत का आदेश आने के बाद ही अकाउंट दोबारा खोले जाने चाहिए थे। लेकिन इसी बीच हमें पता चला कि संस्था का एक अकाउंट पहले ही खोला जा चुका था और सिंटा की एफडी से पैसा दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर किया गया था। किसी संस्था की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़ने से पहले उसके सदस्यों की सहमति जरूरी होती है। आखिर बिना सदस्यों से पूछे एफडी कैसे तोड़ी जा सकती है?”इसी सिलसिले में उपासना ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे का नाम भी लिया। उन्होंने दावा किया कि पेंटल साहब, पूनम और पद्मिनी बैंक गए और संस्था से जुड़े दस्तावेज दिखाकर अकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया कराई। संबंधित लोगों ने खुद को सिंटा की कमेटी का हिस्सा बताया, जबकि उस समय वे उन पदों पर नहीं थे। उपासना ने बताया कि संस्था के पास करीब 90 लाख रुपए की एफडी है और अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पैसा ट्रांसफर किया गया है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि कुल कितनी एफडी तोड़ी गई है।


