बोले- केवल यात्रा निकालने से विचारधारा में बदलाव साबित नहीं होता, आचरण और व्यवहार में भी दिखना चाहिए परिवर्तन
जबलपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन से जुड़े मुद्दों पर दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों और राजनीतिक रुख को देखते हुए उनकी इस पहल को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। केवल यात्रा निकालने से किसी व्यक्ति की विचारधारा में बदलाव साबित नहीं होता, बल्कि उसके आचरण और व्यवहार में भी परिवर्तन दिखाई देना चाहिए।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सनातन संस्कृति भारत की गौरवशाली परंपरा और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। ऐसे में राजनीतिक दलों का इस विषय पर रुख स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और समाज को बांटने का आरोप भी लगाया।
पुरानी राजनीतिक कार्यशैली का दिया हवाला
राकेश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति और सांस्कृतिक पहचान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ रही है। उनके मुताबिक, इसी बदलते माहौल के बीच कांग्रेस सनातनी समाज तक अपनी पहुंच बढ़ाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित यात्रा को इसी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखते हुए सवाल खड़े किए।
नीतियों और व्यवहार में दिखे बदलाव
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी नेता की विश्वसनीयता का आकलन केवल उसके मौजूदा भाषणों या आयोजनों से नहीं, बल्कि उसके पुराने बयानों, राजनीतिक फैसलों और कार्यशैली से भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सनातन परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश देना चाहती है, तो यह उसकी नीतियों और व्यवहार में भी निरंतर दिखाई देना चाहिए।
राकेश सिंह की इस टिप्पणी से दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित यात्रा को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का मुद्दा सामने आया है।


