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October 20, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

मणिपुर में हत्याओं के बाद सीएम सख्त, सुरक्षा एजेंसियों को संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश



इंफाल, 19 अक्टूबर । इंफाल में सोमवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को राज्य के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवार को हुई बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई और थौबल और इंफाल पूर्वी जिलों में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर चर्चा की गई।

सोमवार शाम मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में हुई यह उच्चस्तरीय बैठक काफी महत्वपूर्ण है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पिछले 24 घंटों के दौरान मणिपुर के इंफाल पूर्वी और थौबल जिलों में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, कई अन्य घायल हो गए और तीन लोगों के लापता होने की खबर है।

इस बैठक में गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, मुख्य सचिव राजीव सिंह ठाकुर, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, राज्य के गृह आयुक्त एन. अशोक कुमार के अलावा सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हथियारबंद हमलावरों द्वारा निर्दोष नागरिकों की हत्या की कड़ी निंदा की। इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने इंफाल पूर्वी जिले में हुई घटना के बाद एक निजी अस्पताल का दौरा किया और घायलों तथा उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल के प्रबंध निदेशक और डॉक्टरों से भी बात की और उन्हें घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने घायल नागरिकों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके इलाज का पूरा खर्च उठाएगी।

इस बीच, थौबल जिले में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोगों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को जाम कर दिया। वे एक युवक लैशराम राकेश की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे थे।

रविवार रात खांगाबोक पार्ट-III चेरापुर के सीवाईएसए खेल के मैदान में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प में राकेश को गोली लग गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई।

इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उन्हें 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह खांगाबोक मायाई लेइकाई लोइसंग कम्युनिटी हॉल में एक जनसभा आयोजित की गई। इसके बाद थौबल जिले के उपायुक्त (डीसी) को एक ज्ञापन सौंपने के लिए एक रैली निकाली गई।

प्रदर्शनकारियों ने थौबल जिले के खांगाबोक और अरोन्गथोंग में नेशनल हाईवे-2 (जिसे रिपोर्ट में एनएच-102 भी कहा गया है) को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा देने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने थौबल जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के सामने धरना भी दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने ऐसे प्लेकार्ड ले रखे थे जिन पर नारे लिखे थे, जैसे- “दोनों समुदायों के बीच संकट का तुरंत समाधान करें”, “सांप्रदायिक तनाव भड़काने वालों की पहचान करें”, “हमें शांति चाहिए” और “हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करें”।

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