जबलपुर। डिण्डोरी सीएमएचओ कार्यालय मे 1अप्रैल 16 से 31 दिसम्बर 25 के. बीच मे पदस्थ तत्कालीन अधिकारियों ने भारी भरकम सरकारी राशि को निजी खातों के साथ साथ संदिग्ध खातों मे स्थानांतरित की गई| जांच के बाद eow जबलपुर ने सभी दोषी अधिकारी कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को प्राप्त शिकायत में सीएमएचओ कार्यालय डिण्डोरी में पदस्थ तत्कालीन सीएमएचओ व लेखा प्रभारी द्वारा शासकीय राशि गबन करने के आरोपों की जांच में पाया गया कि आरोपीगण/लोकसेवक घटना के समय मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में लेखा शाखा में क्रिएटर, वेरीफायर व अप्रूवर के पद पर कार्यरत थे। IFMIS पोर्टल में गलत एरियर गणना पत्रक तैयार किये, पात्रता से अधिक राशियां, फर्जी प्रविष्टियां और ऐसे भुगतान फीड किये जिनका आरोपीगणों को कोई वैधानिक आधार नही था । आरोपियों द्वारा बिना किसी कार्यालयीन अभिलेखों के परीक्षण एवं मैन्युअल गणना पत्रक के सिस्टम पर अधिक राशि की एंट्री की गई एवं पूर्व में मैन्युअल रुप से भुगतान किये गये ऐरियर राशि की एंट्री IFMIS पोर्टल में नेगेटिव प्रविष्टिी का उपयोग कर एरियर की राशि 49.89 लाख रूपये का अवैध भुगतान किया। आरोपियों द्वारा बिना वैधानिक आदेश के मद परिवर्तन कर Non Practicing Allowance तथा गृह भाड़ा की राशि 5.89 लाख रुपये का अतिरिक्त व अवैध भुगतान किया।
आरोपियों द्वारा गुलाब प्रसाद साहु सहायक ग्रेड-3 को बिना किसी वैधानिक आधार के माह जुलाई 2024 में After July 2017 Arrear Screen का उपयोग कर राशि 4.78 लाख रुपये का भुगतान बिना कार्यालयीन आदेश व सुसंगत दस्तावेजों के किया गया। भुगतान के समय गुलाब प्रसाद साहू स्वयं लेखा शाखा के प्रभारी थे। आरोपियों द्वारा बेण्डर को दी जाने वाली राशियों का भी दोहरा/गलत भुगतान किया गया है।
उपरोक्त समस्त भुगतान कुल राशि 60-60 लाख रूपये के, म.प्र. कोषालय संहिता एवं म.प्र. वित्तीय संहिता के नियमों को जानबूझकर आपराधिक आशय से स्वयं व अन्य को लाभ कारित करने की नियत से किये गये हैं। आरोपीगणों द्वारा बिना पात्रता नियमों की अनदेखी कर बिलों पर डिजीटल हस्ताक्षर से स्वीकृत किया, जिसके बाद सरकारी मद का पैसा सीधे लाभार्थियों/संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर हो गया। लोक सेवक के रुप में शासकीय धन की सुरक्षा की वैधानिक जिम्मेदारी का उल्लंधन कर आरोपीगणों ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
सीएमएचओ कार्यालय डिण्डोरी मे पदस्थ यह है आरोपी
(1) आर.के.मेहरा, तत्कालीन सीएमएचओ डिण्डोरी
(2) रमेश सिंह मरावी, तत्कालीन सीएमएचओ डिण्डोरी
(3) बल्देव सिंह भलावी, तत्कालीन डीएचओ डिण्डोरी
(4) भरत सिंह टेकाम, तत्कालीन डीएचओ डिण्डोरी
(5) गुलाब साहु, सहायक ग्रेड-3
(6) प्रकाश परस्ते, सुपरवाइजर


