रेल कर्मचारियों की समस्याओं पर हुई व्यापक चर्चा, आवास मरम्मत और ओवरटाइम सहित कई महत्वपूर्ण मांगों पर बनी सहमति
अनूपपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में तृतीय स्थाई वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक 5 एवं 6 नवंबर को एकल मान्यता प्राप्त संगठन साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर कांग्रेस, बिलासपुर के साथ संपन्न हुई। बैठक में बिलासपुर मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता अपर मंडल रेल प्रबंधक प्रथम जे.एस. मीणा एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक द्वितीय के. श्रीनिवासन ने की। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी डॉ. अंशुमन मिश्रा ने बैठक का संचालन किया। इस दौरान मंडल के विभिन्न विभागों के शाखा अधिकारी भी मौजूद रहे।
रेलवे मजदूर कांग्रेस के बिलासपुर मंडल समन्वयक विजय अग्निहोत्री के नेतृत्व में संगठन के केंद्रीय पदाधिकारी एवं मंडल के विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। इनमें कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मण राव, संयुक्त महामंत्री बी. कृष्ण कुमार, अतिरिक्त संयुक्त महामंत्री राजेश खोपारागड़े, डी.डी. महेश, शुभम उपाध्याय एवं मंडल रनिंग शाखा सचिव आर.के. यादव सहित सभी शाखा सचिव शामिल रहे। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में रेल कर्मचारियों को हो रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके निराकरण की मांग रखी।
बैठक में इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर बनी सहमति
पीएनएम बैठक में रेल कर्मचारियों की सुविधाओं एवं कार्य संबंधी समस्याओं पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें बिलासपुर रेल मंडल में 100 नए रेल आवासों के निर्माण को मंजूरी प्रमुख रही। इंजीनियरिंग एवं टीआरडी विभाग के कर्मचारियों के ओवरटाइम (ओटी) को भी स्वीकृति प्रदान की गई। ट्रैक मशीन कर्मचारियों के ओटी के 28 स्पेल को क्रिस प्रणाली में अपडेट करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा रनिंग कर्मचारियों के प्रमोशन एवं पोस्टिंग के लिए नवीन नियमों के तहत तीन विकल्प लिए जाने, यूएसएफडी स्टाफ को वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराने तथा रेल आवासों की मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए जाने संबंधी निर्णय भी बैठक में सामने आए।
रेल आवासों की स्थिति सुधारने के लिए उनका सर्वे कराने तथा सर्वे में कंडम घोषित किए जाने वाले आवासों के स्थान पर संबंधित कर्मचारियों को एचआरए (मकान किराया भत्ता) प्रदान करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में लिए गए इन निर्णयों को रेल कर्मचारियों की आवासीय सुविधाओं, कार्य परिस्थितियों और विभागीय समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब कर्मचारियों को इन निर्णयों के समयबद्ध क्रियान्वयन का इंतजार रहेगा।


